






जयपुर Abhayindia.com राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर की कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा के त्यागपत्र को स्वीकार किया है। यह त्यागपत्र उनके खिलाफ प्राप्त विभिन्न शिकायतों की संभागीय आयुक्त, उदयपुर की अध्यक्षता में गठित जांच समिति की रिपोर्ट के अध्यधीन स्वीकार किया गया है।
आपको बता दें कि कुलगुरु प्रोफेसर सुनीता मिश्रा अपने बयान को लेकर विवादों में हैं। उन्होंने एक सेमिनार के दौरान अपने बयान में मुगल शासक औरंगजेब को “कुशल प्रशासक” कहा था। इस टिप्पणी के बाद राज्यभर में विरोध शुरू हो गया। खासतौर से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विरोध इतना बढ़ गया कि प्रो. मिश्रा को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी। उन्होंने कहा कि राजस्थान वीरों की भूमि है और यह महाराणा प्रताप की धरती है।


