





बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर में साइबर थाना पुलिस ने सास-बहू को 48 लाख के डिजिटल अरेस्ट के प्रकरण में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रकरण की प्रारभिंक पूछताछ में अन्य लोगों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। गिरफ्तारशुदा आरोपी किरण कुमार पुत्र प्रहलाद आचार्य निवासी ओल्ड माडिवाला (बैंगलोर) से गहनता से पूछताछ में और भी वारदातें खुलने की संभावना है।
घटना का विवरण : प्रार्थिया ने 24.01.2026 को बताया कि मैं सेवानिवृत्त अध्यापिका हूँ। दिनांक 21-01-26 को मेरे मोबाईल कॉल आयी और मुझे कहा कि मैं एनआईए से बोल रहा हूँ। आपके आधार कार्ड से बैंक खाता जनरेट हो रहा है जिसमें करोड़ों रूपये का लेनदेन हो रखा है व रूपये विदेश भेजे जा रहे है। आपके खिलाफ जांच के लिए वारंट निकला हुआ है। तब मैंने कहा मुझे इन सब के बारे में कोई पता नहीं है आप मेरी पुत्रवधु से बात करें। उसके बाद मैंने मेरी पुत्रवधु से बात करवाई। मेरी पुत्रवधु को उन्होंने बताया कि गिरफ्तार करेंगे तब मेरी पुत्रवधु ने कहा किस जुर्म में गिरफ्तार करेंगे तो उन्होने मेरे वॉटसएप पर अरेस्ट वारंट व सुप्रीम कोर्ट का लेटर भेजा तो मैं व मेरी पुत्रवधु डर गये। मुझे कहा अब आपसे ऑनलाईन पूछताछ की जाएगी। आप कहीं बाहर नहीं जाओगो, ना ही किसी को बतायेंगे और दो दिन तक वॉटसएप विडियो कॉल पर पूछताछ की। वीडियो कॉल में पुलिस की वर्दी पहना हुआ एक व्यक्ति व 3-4 अन्य व्यक्ति थे जिन्होंने मुझसे मेरा नाम और पूछा और मुझे डराया धमकाया कि तेरा नाम मनी लॉन्ड्रिग में है। तेरी जमानत नहीं होगी व तुझे मनी लॉन्ड्रिग केस में उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा होगी। तब मैं बहुत ज्यादा डर गई तो मैंने कहा इससे बचने का कोई तरीका है क्या तो उसने कहा 40 लाख रूपये डाल दो बच जाओगे। मैंने 40 लाख रूपये देने की हां भर दी तब उसने मुझे एचडीएफसी बैंक खाता में रूपये भेजने का कहा तो उसके कहे अनुसार 22-01-26 को मैं व मेरी पुत्रवधु एसबीआई बैंक शाखा गये व मेरे एसबीआई बैंक खाता से चैक द्वारा 10 लाख रूपये एचडीएफसी बैंक खाता में जमा करवा दिये। उसके बाद हम घर आ गये । उसके बाद उनकी कॉल फिर से आयी और कहा बाकि रूपये कल जमा करवा देना तो मैंने हां भर दी। उसके बाद 23-01-26 को कॉल आयी और कहा आपके सेन्टलमेंट के लिए 38 लाख रूपये और डालने पडेंगे तब मैंने हां भर दी जिस पर उन्होंने बैंक ऑफ बडौदा खाता में रूपये जमा करवाने का कहा। तो मैं व मेरी पुत्रवधु एसबीआई बैंक शाखा गये व मेरे एसबीआई बैंक खाता से चैक द्वारा 38 लाख रूपये बैंक ऑफ बडौदा खाता में जमा करवा दिये। आज दिनांक को मेरी पुत्रवधु ने मेरे बेटे को इस बारे में बताया तो मेरे बेटे ने कहा तुम्हारे साथ ठगी हुई है ऐसे ऑनलाईन अरेस्ट करने का कोई सिस्टम नहीं है। तब मुझे पता चला कि मेरे साथ डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी हो गई। इस प्रकार अज्ञात व्यक्तियों द्वारा आपराधिक षडयन्त्र कर पुलिस बनकर मुझे व मेरी पुत्रवधु को डिजिटल अरेस्ट कर हमे मनी लॉन्ड्रिग केस में उम्रकैद (आजीवन कारावास) सजा के नाम पर डरा धमाकर मुझसे 48,00,000/- रूपये की राशि धोखाधड़ीपूर्वक हड़प ली। जिस पर मामला दर्ज किया जाकर अनुसंधान रमेश कुमार पुलिस निरीक्षक द्वारा शुरू किया गया।
सास-बहू को डिजीटल अरेस्ट कर उनसे 48 लाख रू. हड़पने पर दर्ज प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर व एएसपी चक्रवर्ती सिंह राठौड के निर्देशन में व थानाधिकारी साइबर रमेश कुमार सर्वटा के निकट सुपरविजन में टीम गठित कर डिजीटल अरेस्ट के आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिये गए। जिस पर डिजीटल अरेस्ट के आरोपी किरण कुमार पी पुत्र प्रहलाद आचार्य निवासी 04 पापा रेड्डी कम्पाउण्ड वी.पी. रोड सोमेश्वर मंदिर के पास, ओल्ड माडिवाला, पुलिस थाना मडिवाला, बैंगलोर, कर्नाटक को तकनीकी विश्लेषण व आसूचना संकलित कर बैंगलोर से गिरफ्तार किया गया।
प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार आरोपी के द्वारा बताया गया कि वह साईबर ठगी गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर विभिन्न लोगों के साथ ठगी कर ठगी के रूपयों को अलग-अलग बैंक अकाउण्ट में डालकर फ्रोड गैंग के साथ मिलकर निकाल लेते थे। गिरफ्तार आरोपी से प्रारंभिक पूछताछ में अन्य लोगों की भूमिका भी संदिग्ध है।




