









बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। लोकसभा चुनावों में बीकानेर ससंदीय सीट से लंबे इंतजार के बाद घोषित कांग्रेस प्रत्याशी मदन गोपाल मेघवाल का नाम यहां पार्टी कार्यकर्ताओं के लिये भले ही चौंकाने वाला हो, लेकिन जिले के कांग्रेस नेताओं के लिये यह नाम नया नहीं है, क्योंकि इनका टिकट फाइनल करने से पहले कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकारों ने पुख्ता तौर पर बीकानेर कांग्रेस के तमाम नेताओं से रायशुमारी की थी। हांलाकि रामेश्वर डूडी विरोधी लॉबी के तमाम नेताओं ने मदन गोपाल को अनुभवहीन और कमजोर चेहरा बताते हुए इनकी किसी ऊर्जावान चेहरे को मैदान में उतारने की राय दी थी, लेकिन डूडी लॉबी के नेताओं ने जयपुर से दिल्ली तक अपनी लामबंदी मजबूत कर मदन गोपाल मेघवाल का टिकट फाइनल करवा लिया।
कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े सूत्रों की मानें तो लोकसभा चुनाव की तिथि की घोषणा के साथ ही शुरुआत से ही बीकानरेर संसदीय सीट से कांग्रेस के दावेदारों की सूची में मदन गोपाल मेघवाल का नाम चर्चा में रहा। उनके साथ कई और नाम भी दावेदारी के लिए सामने आए, और गायब होते रहे, लेकिन मदन गोपाल की दावेदारी बरकरार रही। प्रत्याशी चयन के अंतिम चरण में खाजूवाला प्रधान सरिता मेघवाल का नाम भी प्रमुखता से शामिल रहा, लेकिन इनके पक्ष की लॉबिंग कमजोर होने के कारण टिकट की दौड़ में पिछड़ गई।
प्रत्याशी चयन से पहले पार्टी नेताओं से प्रत्याशी का फीडबैक लिया गया तो आधे से ज्यादा नेताओं में मदन गोपाल मेघवाल के नाम असहमति जताई थी, जबकि सरिता चौहान और रेवंतराम पंवार के नाम मजबूत दावेदार के रूप में उभरे। सरिता चौहान का नाम प्रमुखता पर आने के बाद कांग्रेस की डूडी एण्ड पार्टी ने मदन गोपाल मेघवाल की दावेदारी मजबूत करने के लिये अपनी समूची ताकत झोंक दी। इससे बीकानेर संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी चयन का मामला लगातार गर्माता गया और विरोध की लपटें उठने लगी। इसे भंाप कर प्रदेश नेतृत्व के आग्रह पर शीर्ष नेतृत्व ने गुरूवार की शाम राजस्थान के लिए घोषित प्रत्याशियों में बीकानेर से मदन गोपाल के नाम पर भी मुहर लगा दी।
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