Friday, May 15, 2026
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मरीजों को निजी चिकित्सालयों में अनावश्यक रेफर करने पर चिकित्सक के विरुद्ध होगी सख्त कार्रवाई

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जयपुर Abhayindia.com चिकित्सा शिक्षा मंत्री गजेंद्र सिंह ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि राजकीय चिकित्सकों द्वारा मरीजों को अनावश्यक रूप से निजी चिकित्सालयों में रेफर किए जाने की शिकायत प्राप्त होने पर सम्बंधित चिकित्सक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में तत्कालीन सरकार द्वारा चिकित्सा संस्थाओं के पीपीपी मोड पर संचालन को बंद कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि पीपीपी मोड पर संचालित चिकित्सा संस्थाओं में 1 मेडिकल ऑफिसर एवं 11 अन्य स्टाफ पर राज्य सरकार द्वारा प्रतिमाह 1 लाख 80 हजार से 2.50 लाख रुपये तक का व्यय किया जाता था।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरक़ार द्वारा वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा संस्थाओं को पीपीपी मोड पर दिए जाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

इससे पहले विधायक बहादुर सिंह के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान में भरतपुर जिले में किसी भी चिकित्सा संस्थाओं को पीपीपी मोड पर नही दिया गया है।

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