






बीकानेर Abhayindia.com आरएनबी ग्लोबल यूनिवर्सिटी, बीकानेर में भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक शोभायात्रा के साथ हुआ। शोभायात्रा प्रारंभ होने से पूर्व मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा रहे। इस अवसर पर बीकानेर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी विज सहित अन्य न्यायाधीशगण भी उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के वाइस चेयरमैन के. के. बजाज ने पुष्पगुच्छ भेंटकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। मंच पर विश्वविद्यालय के चेयरमैन डॉ. राम बजाज भी उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम एवं नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति द्वारा स्वागत उद्बोधन एवं रजिस्ट्रार द्वारा विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
मुख्य अतिथि ने अपने प्रेरक संबोधन में विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, आत्म-विकास करने तथा औपचारिक एवं अनौपचारिक शिक्षा दोनों के महत्व को समझने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर राजस्थान की प्रख्यात लोकगायिका श्रीमती बैतुल बेगम को कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान के लिए डॉक्टर ऑफ लेटर्स (D.Litt.) (Honoris Causa) की उपाधि प्रदान की गई। बैतुल बेगम ने पिछले पाँच दशकों में मांड एवं भजन संगीत को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया है तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की सांस्कृतिक विरासत को प्रतिष्ठित किया है। उन्हें “नारी शक्ति पुरस्कार” (2022) एवं “पद्मश्री” (2025) सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं।
इसी क्रम में पर्यावरण एवं ग्राम विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पद्मश्री लक्ष्मण सिंह को भी D.Litt. (Honoris Causa) की उपाधि प्रदान की गई। उन्होंने “चौका प्रणाली” एवं “लापोरिया मॉडल” के माध्यम से जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास में उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे हजारों हेक्टेयर भूमि का पुनर्जीवन हुआ तथा जल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। समारोह में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।
स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में यश पाल सिंह चौहान (बीबीए एलएलबी, सत्र 2017–22), प्रतिभा शौर्य (बी.एससी. (ऑनर्स) एग्रीकल्चर, सत्र 2018–22), हर्ष बाफना (बी.टेक (सीएसई), सत्र 2018–22), कनिका गुप्ता (बी.एससी. बायोटेक, सत्र 2019–22), नंदिनी सोमानी (बीबीए, सत्र 2019–22), दिव्या सोलंकी (बी.एससी. (ऑनर्स) एग्रीकल्चर, सत्र 2019–23), सूर्या (बीए एलएलबी, सत्र 2019–24), कोमल अग्रवाल (एमबीए, सत्र 2020–22), अंशु बोथरा (बीबीए, सत्र 2020–23), पूजा गिल (बी.एससी. (ऑनर्स) एग्रीकल्चर, सत्र 2020–24), मोनिका (बीए एलएलबी, सत्र 2020–25), मुस्कान रामपुरिया (एमबीए, सत्र 2021–23), ललित किशोर सुथार (बीबीए, सत्र 2021–24), उन्नति मल्ल (एमबीए, सत्र 2022–24), देवेंद्र सिंह शेखावत (बीसीए, सत्र 2022–25) तथा खुशबू सारस्वत (बी.ए., सत्र 2022–25) को उनके-अपने संकाय में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु सम्मानित किया गया।
इसी प्रकार शोधार्थियों को विद्यावाचस्पति (Ph.D.) उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर बाबिता (बॉटनी, सत्र सितंबर 2023), श्रेष्ठ भटनागर (लॉ, सत्र जनवरी 2024), रितु बिश्नोई (मैनेजमेंट, सत्र अगस्त 2024), अशोक कुमार करनानी (लॉ, सत्र नवंबर 2023), रुखसाना गौरी (लॉ, सत्र मार्च 2024), सोफिया कौसर (लॉ, सत्र फरवरी 2024), मिलाप चोपड़ा (लॉ, सत्र जुलाई 2024), अनीता कुमावत (लॉ, सत्र नवंबर 2025) तथा मौलिक चंदनानी (कॉमर्स, सत्र दिसंबर 2025) को विभिन्न विषयों में पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त स्नातक एवं परास्नातक स्तर की उपाधियाँ भी विद्यार्थियों को प्रदान की गईं। कार्यक्रम का संचालन सोनम पारीक एवं दीपाली भटनागर द्वारा किया गया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन डीन, फैकल्टी ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट, प्रो. (डॉ.) मीनाक्षी शर्मा द्वारा दिया गया।


