Sunday, December 14, 2025
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राइजिंग राजस्थान एमओयू होल्डर्स को प्रत्यक्ष ही मिलेंगे रीको औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक भूखण्ड

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जयपुर Abhayindia.com ’’राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024’’ के संदर्भ में राज्य सरकार के साथ एमओयू निष्पादित करने वाले निवेशकों के लिए रीको द्वारा चिन्हित औद्योगिक क्षेत्रों में भूखण्ड के आरक्षित मूल्य पर औद्योगिक भूखंडों के प्रत्यक्ष आवंटन योजना जारी कर दी गई है। ऐसे उद्यमी जिन्होंने इस पॉलिसी के लागू होने की तिथि तक राज्य सरकार के साथ निवेश के लिए मैमोरेण्डम ऑफ अंडरस्टेडिंग (एमओयू) निष्पादित किया हो, वे इस योजना में आवेदन कर सकते हैं तथा ऑनलाइन आवेदन वाली दिनांक को, जिनकी राजस्थान के राजनिवेश पोर्टल पर भूमि आवंटन से संबंधित प्रार्थना (Request) लम्बित है।

योग्य आवेदक रीको की वेबसाईट www.riico.co.in, www.riico.rajasthan.gov.in या https://sso.rajasthan.gov.in या riicogis.rajasthan.gov.in/riicogiscitizen के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस योजना में 98 औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 6936 औद्योगिक भूखण्ड आवंटन के लिए उपलब्ध हैं। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 28 मार्च, 2025 है तथा ई-लॉटरी दिनांक 3 अप्रैल, 2025 को प्रस्तावित है।

राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट-2024

राज्य सरकार द्वारा राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट-2024 का आयोजन 9-11 दिसंबर 2024 को किया गया था। समिट में करीब 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू निष्पादित किए गए। समिट में 32 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए जिनमें डेनमार्क, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, मलेशिया, स्पेन, क्यूबा, वेनेजुएला, मोरक्को, अर्जेंटीना, ब्राजील, कोस्टा रिका, नेपाल, ओमान, पोलैंड और थाईलैंड शामिल रहे।

राइजिंग राजस्थान-2024 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा था कि राज्य सरकार राइजिंग समिट में हुए एमओयू को धरातल पर उतारने के लिए पूरी शक्ति के तहत काम करेगी और इसी उद्देश्य को दृष्टिगत रखते हुए औद्योगिक क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए ’’प्रत्यक्ष भूखण्ड आवंटन योजना’’ लाई गई है तथा 11 दिसंबर 2025 को इन सभी एमओयू के जमीन पर उतरने की कार्यवाही की समीक्षा कर जनता के सामने लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि असीम संभावनाओं से भरपूर राजस्थान में उद्यमिता एवं विकास के शिखर को छूने की क्षमता है। राजस्थान नवाचार व निवेश आकर्षण के एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है।

आवंटन की प्रक्रिया

(i) 50,000 वर्गमीटर तक :- एक भूखण्ड पर एक ही आवेदक होने पर सीधा आवंटन तथा एक से अधिक आवेदक होने की दशा में ई-लॉटरी के माध्यम से सफल आवेदक को आवंटन।

(ii) 50,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल से अधिक/विशेष औद्योगिक क्षेत्रों/पार्क :- आवेदक की पात्रता, भूमि की आवश्यकता इत्यादि के गुणावगुण के आधार पर आवंटन।

अमानत राशि (ईएमडी) :- भूखण्ड की कुल देय प्रीमियम राशि की 5 प्रतिशत राशि आवेदन के साथ ही ऑनलाईन जमा होगी।

सफल आवेदक को भूखण्ड आवंटन के लिए आवेदन की स्वीकृति के प्रस्ताव पत्र (ऑफर लेटर) जारी होने के 30 दिनों के अंतर्गत कुल प्रीमियम राशि की 1 प्रतिशत धरोहर राशि तथा प्रीमियम राशि की 25 प्रतिशत राशि जमा करवाया जाना वांछित है।

भूखण्ड आवंटन की विशेष शर्तेंः-

उत्पादन की समय सीमा:-

• ऐसे प्रोजेक्ट जिनकों स्थापित करने के लिए पर्यावरण स्वीकृति आवश्यक नहीं है, उन आवंटियों को आवंटित भूखण्ड का कब्जा देने की तिथि अथवा डीम्ड कब्जा से 2 वर्ष में वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ करना होगा तथा ऐसे प्रोजेक्ट जिनको पर्यावरण स्वीकृति आवश्यक है, उनके लिए यह अवधि 3 वर्ष होगी।

• आवंटी को आवंटित भूखण्ड पर उत्पादन शुरू करने से पहले मध्यवर्ती अनुक्रमों (Intermediate Milestones) का पालन करना आवश्यक होगा।

• इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन में माने जाने के लिए भूखण्ड के क्षेत्रफल का न्यूनतम 30 प्रतिशत अथवा अनुज्ञेय Build-up Area Ratio (BAR) का न्यूनतम 30 प्रतिशत के समतुल्य निर्मित होना एवं भूखण्ड आवंटन के आवेदन के समय प्रस्तुत प्रोजेक्ट रिपोर्ट में वर्णित मदों में से भवन निर्माण एवं प्लान्ट एवं मशीनरी के मद में दर्शायी गई राशि का 75 प्रतिशत राशि का उत्पादन के समय स्थायी रूप से निवेश उपरोक्त मदों में निर्धारित /विस्तारित समयावधि में निवेश आवश्यक होगा।

• आवंटित भूखण्ड में रिक्त/अनुुपयोगी भूमि का हस्तान्तरण अनुज्ञेय (Permissible) नहीं होगा।

• आवंटित भूखण्ड का उप-विभाजन अनुज्ञेय (Permissible) नहीं होगा।

• आवंटी द्वारा आवंटित भूखण्ड को रीको को समर्पित करने की दशा में, आवंटी द्वारा जमा की गई भूमि की प्रीमियत राशि की 5ः राशि के समतुल्य एवं अन्य देय शुल्कों की कटौती की जावेगी एवं शेष राशि वापिस की जावेगी।

• आवंटित भूखण्ड का निरस्तीकरण करने की दशा में आवंटी द्वारा जमा की गई भूमि की प्रीमियम की राशि से 10ः राशि की कटौती की जावेगी।

योजना की अवधि :- प्रत्यक्ष आवंटन योजना की वैद्यता दिनांक 30.06.2025 तक रहेगी। इस अवधि में ‘‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024’’ के संदर्भ में राज्य सरकार के साथ उक्त पॉलिसी जारी होने की तिथि तक निष्पादित एमओयू वाले प्रकरणों को प्रत्यक्ष आवंटन प्रणाली के तहत सम्मिलित कर उपरोक्त प्रक्रिया सम्पन्न की जायेगी।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने राइजिंग राजस्थान समिट में राजस्थान में निवेश करने में रूचि रखने वाले उद्यमियों को औद्योगिक इकाई लगाने के लिए आमंत्रित किया था। जिसके फलस्वरूप विभिन्न मध्यम एवं लघु उद्योगों से जुड़े उद्यमियों ने भी राज्य सरकार के साथ एमओयू किए। एमओयू के पश्चात् रीको द्वारा भूमि आवंटन से लेकर परियोजना की शुरूआत तक, सभी प्रक्रियाओें में इन निवेशकों की हर संभव मदद की है। इसी क्रम में रीको द्वारा उद्यमियों को राजस्थान में निवेश करने एवं परिस्थितियों को अधिक से अधिक सुविधाजनक एवं निवेश अनुकूल बनाने के ध्येय सहित इस प्रत्यक्ष आवंटन प्रणाली को प्रारम्भ किया गया, जिससे निस्संदेह राजस्थान में निवेश को गति मिलेगी।

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