









जयपुर Abhayindia.com राजस्थान ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देते हुए ‘डी-रेग्यूलेशन फेज-1’ के तहत विकसित राजस्थान और राइजिंग राजस्थान की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। राज निवेश पोर्टल एवं निरंतर सुधारात्मक प्रयासों के जरिए प्रदेश एक पसंदीदा निवेश गंतव्य के तौर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है। मुख्य सचिव कार्यालय के तहत गठित ‘डिरेगुलेशन सेल’ द्वारा जारी अप्रैल माह की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में राज निवेश पोर्टल पर 67.7 प्रतिशत की स्वीकृति दर से प्राप्त 9 हजार 10 आवेदनों में से 6 हजार 103 की स्वीकृति के साथ उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। इस अवधि के दौरान प्रदेश में जयपुर जिले का प्रदर्शन सबसे अव्वल रहा है।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रक्रियाओं के सरलीकरण, आवेदनों के समयबद्ध निस्तारण तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे है, जिनके अनवरत सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। राज निवेश पोर्टल के माध्यम से राज्य के प्रमुख निवेश केंद्रों के साथ-साथ छोटे जिलों में भी व्यापक स्तर पर प्रकरणों का निस्तारण और स्वीकृतियां जारी की जा रही हैं। ‘इंवेस्टर फ्रैंडली एप्रोच’ के साथ सतत संपर्क, समन्वय और विकेन्द्रीकृत क्रियान्वयन की बदौलत राजस्थान ‘डी-रेग्यूलेशन फेज—1’ में अनवरत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्य सचिव कार्यालय के अंतर्गत गठित ‘डिरेगुलेशन सेल’ द्वारा तैयार प्रदेश में निवेश प्रस्तावों के संदर्भ में मासिक प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाती है।
प्रमुख शहरी एवं औद्योगिक जिलों की उल्लेखनीय सहभागिता
प्रगति रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल, 2026 में राज्य में कुल आवेदन एवं स्वीकृतियों में जयपुर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। राज्य स्तरीय प्रगति में राज निवेश पोर्टल पर कुल 9 हजार 10 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 6 हजार 103 आवेदन स्वीकृत किए गए। इस प्रकार माह के दौरान प्रदेश की स्वीकृति दर 67.7 प्रतिशत रही। जिला-वार प्रदर्शन में जयपुर अग्रणी जिला रहा, जहां 1 हजार 932 आवेदन प्राप्त हुए तथा 1 हजार 351 आवेदन स्वीकृत किए गए। इसके अतिरिक्त जोधपुर, सीकर, अजमेर, बीकानेर, कोटा, हनुमानगढ़, अलवर, चूरू और भीलवाड़ा जैसे प्रमुख शहरी एवं औद्योगिक जिलों ने भी राज निवेश पोर्टल पर उल्लेखनीय सहभागिता दर्ज की है। इसके अतिरिक्त प्रमुख जिलों में कोटा और हनुमानगढ़ में उच्च निस्तारण दक्षता प्रदर्शित करते हुए क्रमशः लगभग 83.8 प्रतिशत और 82.5 प्रतिशत की स्वीकृति दर की उपलब्धि हासिल की है। वहीं बारां, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, टोंक, उदयपुर और जालोर जिलों में 70 प्रतिशत से अधिक स्वीकृति दर दर्ज की गई, जो जिलों की प्रशासनिक दक्षता तथा सेवा वितरण में सुधार को रेखांकित करती है।
प्रमुख क्षेत्रों में बढ़ा निवेशकों का रूझान
रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल माह में प्रदेश में आयुष, एग्रो-प्रोसेसिंग, रक्षा और शिक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में भी विभिन्न जिलों से आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो राजस्थान में क्षेत्रीय विविधीकरण तथा निवेश अवसरों के विस्तार का संकेत है। सेक्टरवाइज प्रगति को देखा जाए तो पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में सर्वाधिक प्रस्तावित निवेश दर्ज किया गया, जिसमें जयपुर, उदयपुर, पाली, राजसमंद, सीकर एवं अन्य जिलों का प्रमुख योगदान रहा। इसके अतिरिक्त अलवर एवं कोटपूतली-बहरोड़ में इंजीनियरिंग, विभिन्न जिलों में नवीकरणीय ऊर्जा, अजमेर एवं भीलवाड़ा में वेस्ट मैनेजमेंट तथा जोधपुर में टेक्सटाइल क्षेत्र में भी निवेश रुचि परिलक्षित हुई।


