Friday, May 15, 2026
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भीनासर जैन मंदिर में पर्युषण महापर्व पर हो रही नियमित भक्ति संगीत संध्या

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बीकानेर Abhayindia.com भीनासर के श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर में कोचर मंदिरात एवं पंचायती ट्रस्ट के तत्वावधान में पर्युषण पर्व पर पिछले नौ वर्षों से शाम आठ बजे से दस बजे तक नियमित भक्ति संगीत संध्याओं का दौर चल रहा है। बुधवार 20 अगस्त से शुरू भजन संध्या का समापन 26 अगस्त को होगा।

आयोजन से जुड़े अशोक कोचर और राहुल दफ्तरी ने बताया कि गंगाशहर, भीनासर बीकानेर और आस पास के कई गांव और कॉलोनी से बड़ी संख्या में श्रावक श्राविका इसमें शामिल हो रहे हैं। शुक्रवार को बीकानेर के वरिष्ठ गायक कलाकार विनोद सेठिया और सुनील पारख (आनंद) के साथ युवा गायक अरिहंत नाहटा ने नए पुराने विभिन्न हैं भजनों से ऐसा समा बांधा कि आए हुए भक्त जन प्रभु भक्ति में मग्न हो गए। भक्ति कार्यक्रम में सुरेंद्र कोचर भूता, मोहित  कोचर, राहुल कोचर,  राजेंद्र कोचर, भरत बोथरा, पप्पू बेद, जितेंद्र बैद, सत्येंद्र बैद, ताराचंद कोचर, प्रवीण कोचर, मनीष सिपानी, पारस कोचर, रोहित कोचर, रौनक कोचर, राजेश बेद, प्रतीक कोचर, दर्शन सोनावत, जयंत आदि युवा श्रावकों ने विभिन्न व्यवस्थाओं को सुचारू रखने में सेवाएं दे रहे है।

कोचर और दफ्तरी ने बताया कि रियासत कालीन इस मंदिर के लिए जैन समाज के श्रावक-श्राविकाओं में अटूट श्रद्धा विश्वास है। मंदिर में विराजमान लगभग एक हजार वर्ष प्राचीन प्रभु पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा जो कि गुजरात से यहां लाकर स्थापित की गई। इसके अधिष्ठायक देव देव श्री मणिभद्र वीर है जो कि दर्शन मात्र से भक्तों की समस्त मनोकामना को पूर्ण करने वाले है।

गौरतलब है कि भीनासर मंदिर में हो रहा यह भक्ति संगीत संध्या का कार्यक्रम साम्प्रदायिक सौहार्द व आपसी भाई चारे के लिए भी प्रसिद्ध है। इसमें बड़ी संख्या जैन श्वेताम्बर तेरापंथ, साधुमार्गी जैन संघ, जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ, तपागच्छ, पार्श्वचन्द्र गच्छ व शांतक्रांत संघ के श्रावक-श्राविकाएं पंथ व मत को भूलकर शामिल होते है।

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