Friday, April 24, 2026
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कांग्रेस में हार पर रार : सिब्‍बल के बयान पर गहलोत का पलटवार, बोले- कार्यकर्ता की तरह उनकी रगड़ाई नहीं हुई…

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जयपुर Abhayindia.com देश के पांच राज्‍यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद कलह शुरू हो गई है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कपिल सिब्बल के गांधी परिवार को लीडरशिप से हटने के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कपिल सिब्बल कांग्रेस संस्कृति के व्यक्ति नहीं है। वे बड़े वकील हैं, उनकी कांग्रेस में एंट्री हो गई, लेकिन कांग्रेस कल्चर में कार्यकर्ता की तरह उनकी रगड़ाई नहीं हुई। कांग्रेस कल्चर में काम करते, फिर धीरेधीरे चांस मिलता, लेकिन सोनिया गांधी के आशीर्वाद और राहुल गांधी के सहयोग से उन्हें सीधे केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिली।

सीएम गहलोत ने कहा कि जिसे कांग्रेस ने इतना कुछ दिया हो, उस व्यक्ति के मुंह से ऐसे शब्द निकलना दुर्भाग्यपूर्ण है। कपिल सिब्बल कांग्रेस की एबीसीडी नहीं जानते, कांग्रेस की मूल भावना को नहीं समझते। आजादी से पहले और बाद में कांग्रेस ने देश के लिए बलिदान दिए हैं, कपिल सिब्बल यह भूल जाते हैं।

सीएम गहलोत ने कहा कि गांधी परिवार का कोई व्यक्ति पिछले 30 साल से प्रधानमंत्री, मंत्री और मुख्यमंत्री नहीं बना। फिर भी देश के लोग चाहते हैं कि कांग्रेस को एकजुट गांधी परिवार ही रख सकता है, देश गांधी परिवार के साथ है। देश गांधी परिवार को चाहता है। गहलोत ने कहा कि सिब्बल फ्रस्ट्रेशन में इस तरह की बातें क्यों करते हैं, यह समझ से परे हैं। कपिल सिब्बल ने क्या सोच रखा है, समझ से परे है। ऐसे वक्त में जब पार्टी जीत नहीं पाई, नेताओं को एकता दिखानी चाहिए थी। पार्टी कार्यकर्ता इसे कभी पसंद नहीं करेंगे।कांग्रेस संगठन घरघर बसा हुआ है। कांग्रेस संगठन कभी समाप्त नहीं होगा, समाप्त की बात करने वाले खुद खत्म हो जाएंगे। कांग्रेस अगली सदी तक भी रहेगी। देश का डीएनए और कांग्रेस का डीएनए एक है। हम शांति सद्भव की बात करते हैं। अभी बीजेपी नेता हिंदुत्व के नाम पर वोट लेकर राज कर रहे हैं, यह आसान है। हम विकास, शांति की बात करते हैं, हम नीतियों की बात करते हैं, हमारा वाला काम मुश्किल है। देश को एक अखंड रखा है, य​ह कांग्रेस की देन है।

आपको बता दें कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने विचारमंथन सत्र आयोजित करने के पार्टी के फैसले की आलोचना करते हुए गांधी परिवार को पार्टी के नेतृत्व से अलग होने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि यह सही समय है जब गांधी परिवार से कांग्रेस की लीडरशिप से हट जाना चाहिए और नेतृत्व की भूमिका के लिए और किसी अन्य व्यक्ति को मौका देना चाहिए।

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