






बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में शुक्रवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि के मद्देनजर जिला कलेक्टर निशांत जैन ने सभी उपखंड अधिकारियों और तहसीलदारों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हुए खराबे का प्राथमिक सर्वे करने और अविलंब रिपोर्ट उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। जिला कलेक्टर ने सभी उपखंड अधिकारियों को अपने राजस्व दलों को सक्रिय करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने उपखंड अधिकारियों को निर्देशित करते हुए प्राथमिक सर्वे रिपोर्ट अविलंब उपलब्ध करवाने के लिए कहा है। साथ ही अतिरिक्त कलेक्टर (राहत) को भी फील्ड फंक्शनरी को एक्टिव मोड पर रखने के लिए निर्देशित किया है।
आपको बता दें कि बीकानेर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न गांवों में ताबड़तोड़ ओलावृष्टि की खबरें आ रही है। अर्जुनसर में ओलों की चादर बिछ गई। किसानों के अनुसार, अचानक से चने और मखाने के आकार के बड़े-बड़े ओले गिरने लगे, जिससे किसानों की पकी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में गेहूं और इसबगोल की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। अर्जुनसर, बज्जू, रामसरा, महाजन, जसवंतसर, असरासर चक जोड़, नया खानीसर (99 आरडी), फूलेजी और चक भवानी नगर सहित कई गांवों में भी इसी तरह के हालात होने की खबर है।
मौसम विभाग के अनुसार, 3 अप्रैल को बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा व उदयपुर संभाग के कुछ भागों में तेज मेघगर्जन के साथ तेज आंधी व बारिश होने की प्रबल संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं ओले गिरने की भी आशंका है। इसी तरह 4 अप्रैल को उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर व शेखावाटी क्षेत्र के कुछ जिलों में तेज आंधी, बारिश व कहीं-कहीं ओले गिरने की प्रबल आशंका है।
विभाग के अनुसार, पांच व छह अप्रैल को आंधी व बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी होने तथा सात अप्रैल को एक और नया मजबूत विक्षोभ सक्रिय होने से प्रदेश के कुछ भागों में पुन: तेज आंधी व बारिश की गतिविधियां दर्ज होने की संभावना है। विभाग के अनुसार, प्रदेश में एक के बाद एक, बैक टू बैक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं। इसके प्रभाव से अरब सागर से आने वाली नमी के कारण राजस्थान के ऊपर बादलों का निर्माण हो रहा है, जो बारिश और आंधी का कारण बन रही है।
इधर, आंधी और बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर से श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में गुरुवार रात हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की पकी हुई फसलें खेतों में बिछ गई हैं। कटाई के समय बेमौसम बारिश होने से फसल खराब होने की आशंका बढ़ गई है।


