पुष्करणा सावा : ‘न घोड़ी चढ़ आयो बन्नो, न बग्गी चढ़ आयो, विष्णु रूप में आयो बन्नो…’ गीत लॉंच

pushkarna sawa geet launch
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बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। पुष्करणा ब्राह्मण समाज के आगामी 21 फरवरी को होने वाले पुष्करणा सावे के उपलक्ष्य में सनातन धर्म साधना पीठ एवं राजस्थानी फोल्कॅ चैनल के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को सदाफते बारह गुवाड़ में गणेश पाटा पर एक नया वैवाहिक गीत लॉंच किया गया।

पीठ के पवन राठी ने बताया कि बीकानेर में प्रति दो वर्ष में पुष्करणा समाज का सामूहिक सावा शहर की गौरवशाली परंपरा का निर्वहन करते हुए दुनियाभर में मशहूर है। इसी क्रम में लोकगायिका नीलिमा बिस्सा ने पुष्करणा सावे में जो दुल्हे विष्णु रूप में जाते है और शहर की संस्कृति को जीवंत रखते हैं उसे चित्रित करने वाला वैवाहिक गीत रिकार्ड किया है। गीत के बोल ‘न घोड़ी चढ़ आयो बन्नो, न बग्गी चढ़ आयो, विष्णु रूप में आयो बन्नो…’ है। यह गीत सावा संस्कृति को जीवंतता का चित्रण करते हुए दुल्हों को विष्णु रूप के लिए प्रेरित करेगा।

गीत की लॉंचिंग के अवसर पर भागवताचार्य पं. भाईश्री, योगेश बिस्सा, रमक झमक संस्था के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा भैंरू, दाऊलाल व्यास, श्रीबल्लभ व्यास, गीतकार आर. के. सूरदासाणी, श्रीकृष्ण ओझा, मास्टर बृजरतन पुरोहित, पप्पू जोशी आदि गणमान्य बंधुजन उपस्थित थे।

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