








जयपुर Abhayindia.com राजस्थान में एसआई भर्ती पेपर 2021 लीक प्रकरण में पूर्व सीएम अशोक गहलोत के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ) की गिरफ्तारी के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। आपको बता दें कि राजस्थान एसओजी ने देर रात पेपर लीक से जुड़े एक मामले में पूर्व सीएम अशोक गहलोत के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर राजकुमार यादव और उस के बेटे भरत यादव को गिरफ्तार किया। इसके बाद विपक्ष हमलावर बना हुआ है। गजेंद्र सिंह शेखावत ने एक्स पर लिखते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी थी। वहीं, अब पूर्व सीएम अशोक गहलोत का जवाब भी आ गया है।
पूर्व सीएम गहलोत ने एक्स पर लिखते हुए कहा कि ‘मीडिया के माध्यम से जानकारी में आया है कि मेरी सुरक्षा में तैनात जयपुर पुलिस लाइन के एक हेड कांस्टेबल एवं उनके पुत्र को SOG ने हिरासत में लिया है। किसी भी व्यक्ति की अपराध में कोई संलिप्तता हो तो कानून अपना काम करे। मुझे आशा है कि SOG बिना किसी दबाव के इस मामले की जांच कर एक तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचेगी।’
वहीं, पेपर लीक प्रकरण में एसओजी की कार्रवाई के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि यह मामला केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि लाखों मेहनती युवाओं के सपनों पर चोट है। इस घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) हेड कांस्टेबल राजकुमार यादव और उनके बेटे भरत यादव की गिरफ्तारी ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर अशोक गहलोत का यह नैतिक दायित्व बनता है कि वे अपने साथ काम करने वाले लोगों के चयन में पूरी सतर्कता बरतें। किसी भी संवेदनशील पद पर व्यक्ति को रखने से पहले उसकी निष्ठा, आचरण और पृष्ठभूमि की पूरी तरह जांच होना अनिवार्य है। खासतौर पर पीएसओ जैसा पद, जहां व्यक्ति प्रत्यक्ष रूप से उच्च पदाधिकारियों के संपर्क में रहता है, वहां नियुक्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। यह केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नैतिक जवाबदेही भी है।
इधर, पीएसओ यादव पर कार्रवाई के बाद अब तक हुई जांच में सामने आया है कि राजकुमार यादव ने बेटे के लिए सब इंस्पेक्टर का पेपर खरीदा था। राजकुमार यादव का बेटा भरत यादव भर्ती एग्जाम में पास हो गया था। इसके बाद फिजिकल में फेल हो गया। अब तक 50 से अधिक गिरफ्तार एसआई भर्ती पेपर लीक 2021 मामले में अब तक 50 से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जिसमें 44 प्रशिक्षु सब-इंस्पेक्टर, पूर्व राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) सदस्य रामूराम रायका और बाबूलाल कटारा और 30 दस्तावेज लीक गिरोह के सदस्य शामिल हैं।


