Hometrendingदिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए 5 लाख रुपये तक का ऋण मिलेगा

दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए 5 लाख रुपये तक का ऋण मिलेगा

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बीकानेर Abhayindia.com सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन स्वरोजगार योजना के तहत दिव्यांगजनों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाते हुए सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग संयुक्त निदेशक ने बताया कि योजना के अंतर्गत राज्य के ऐसे दिव्यांगजन, जिनकी स्वयं एवं परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये तक है, वे विभिन्न बैंकों के माध्यम से ऋण प्राप्त कर अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। ऋण राशि पर 50 प्रतिशत या अधिकतम 50 हजार रुपये (जो भी कम हो) का अनुदान भी विभाग द्वारा संबंधित बैंक के माध्यम से दिया जाएगा। इसके अलावा ऋण का समय पर भुगतान करने पर ब्याज दर में 5 प्रतिशत की विशेष छूट का भी प्रावधान है।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत किराना स्टोर, बिल्डिंग मटेरियल की दुकान, टेलरिंग शॉप, कृत्रिम आभूषण, पुस्तक एवं स्टेशनरी, ब्यूटी पार्लर, मोबाइल रिपेयरिंग एवं सेल्स, टी हाउस, जूते-चप्पल निर्माण एवं बिक्री, कढ़ाई कार्य सहित विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के लिए ऋण प्राप्त किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए तथा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता होना आवश्यक है। आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच तथा परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। पात्र दिव्यांगजन एसएसओ पोर्टल के माध्यम से डीएसएपी पोर्टल पर स्वयं अथवा ई-मित्र कियोस्क के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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