Saturday, April 25, 2026
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शिक्षाकर्मियों की पेंशन का मुद्दा : जनप्रतिनिधि तैयार, अफसर नहीं!

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बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। प्रदेश के समायोजित शिक्षाकर्मियों को पुरानी पेंशन स्कीम के तहत पेंशन देने के लिए प्रदेश के कई मंत्रियों व जनप्रतिनिधियों का रुख सकारात्मक है, लेकिन उच्च स्तर के अफसर इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाने पर आमादा है। राजस्थान उच्च न्यायालय ने उक्त शिक्षाकर्मियों को पेंशन का हकदार बताते हुए एक फरवरी को महत्वपूर्ण फैसला दिया था। बताया जा रहा है कि सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का मन बना चुकी है। इसे लेकर शिक्षाकर्मियों में तीव्र रोष उत्पन्न हो रहा है।

सूत्रों की मानें तो शिक्षाकर्मी न्यायालय के आदेश के बाद उसकी पालना कराने के लिए गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया सहित मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़, राजकुमार रिणवा, पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां सहित अनेक अन्य जनप्रतिनिधियों से मिले थे। सभी ने शिक्षाकर्मियों की मांग को जायज ठहराते हुए न केवल सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया, बल्कि उच्च स्तर पर अफसरों से बात भी की। इसके बावजूद शिक्षाकर्मियों का पेंशन का मामला सुप्रीम कोर्ट ले जाने की तैयारी से यह साफ हो रहा है कि जनप्रतिनिधियों के प्रयासों का कोई असर नहीं होता। उधर, पेंशन के मामले में राज्य सरकार के सुप्रीम कोर्ट जाने की सुगबुगाहट के बीच राजस्थान समायोजित शिक्षाकर्मी वेलफेयर सोसायटी अजमेर ने भी आगे की रणनीति पर विचार शुरू कर दिया है। इस क्रम में 30 मार्च को जोधपुर स्थित किसान भवन में सोसायटी की कोर कमेटी और विधि कमेटी की बैठक होने जा रही है। इसमें सुप्रीम कोर्ट में केविएट दायर करने की तैयारियों पर विचार विमर्श किया जाएगा।

राजस्थान समायोजित शिक्षाकर्मी वेलफेयर सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष सरदार सिंह बुगालिया ने बताया कि बैठक में केविएट दायर करने तथा इससे जुड़े अन्य न्यायिक पहलुओं पर विस्तृत रणनीति बनाई जाएगी। बैठक में सोसायटी से जुड़े प्रदेशभर के पदाधिकारियों को बुलाया गया है। इसके लिए जयपुर से डॉ. सुनिता पालावत, ईश्वर सिंह शेखावत, डा. एस के चिरानियां, जोधपुर से मनोहर सिंह, उदयपुर से शिवशंकर नागदा, डा. हिम्मत सिंह चारण, चूरू से अजय पंवार, हनुमंत सिंह राठौड़, अजमेर से डा. एस. के. अग्रवाल, डा. अरूण चतुर्वेदी, नवीन कुमार शर्मा, जोधपुर से गोपाल छंगाणी, प्रकाश पारीक, हनुमान सिंह भाटी, अलवर से फैरू सिंह चौधरी, कोटा से ओमप्रकाश शर्मा, श्रीगंगानगर से कमलजीत शर्मा, किशनगढ़ से दिनेश विजयवर्गीय, बीकानेर से सत्यप्रकाश बाना, सीकर से यथार्थ खींची, भरतपुर से डा. हुकुम सिंह, नसीराबाद से डा. अनिल कुमार माथुर, सरदार शहर से डा. प्रभा पारीक तथा विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में डा. एम. सी. मालू, महेश चन्द्र स्वर्णकार, राजकुमार वर्मा को आमंत्रित किया गया है।

गौरतलब है कि गत 21 मार्च को सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष सरदार सिंह बुगालिया के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल जयपुर में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से उनके निवास पर मिला था। इस पर मुख्यमंत्री ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से मामले की रिपोर्ट दो दिन में मांगी थी। इसकी अनुपालना में सीएम के विशेषाधिकारी रमेश चंद्र गुप्ता ने कॉलेज निदेशक जयपुर से उक्त मामले में तीन दिवस में आवश्यक कार्यवाही के संबंध में जानकारी मांगी थी। इसके लिए उन्होंने 22 मार्च को पत्र लिखा था। अब सूत्रों से पता चला है कि राज्य सरकार इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाना चाहती है, इससे शिक्षाकर्मियों में आक्रोश उपज रहा है तथा वे आगामी रणनीति के लिए 30 मार्च को जोधपुर में एकजुट हो रहे हैं।

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