





जयपुर (अभय इंडिया न्यूज)। जयपुर केन्द्रीय जेल में जासूसी एवं आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामले में बंद एक पाकिस्तानी कैदी की हत्या का मामला सामने आया है। जेल में बंद कैदी शकीरूल्लाह उल्लाह उर्फ मोहम्मद हनीफ की बुधवार दोपहर में हत्या हुई। जेल में बंद चार अन्य कैदियों द्वारा आपसी विवाद के बाद उसकी हत्या किए जाने की बात सामने आई है। शकीरूल्लाह पाकिस्तान के सियालकोट का रहने वाला था। उसे वर्ष 1996 में गिरफ्तार किया गया था। उस पर हत्या सहित कुल आठ मामले चल रहे थे। इनमें से दो में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
जेल सूत्रों के मुताबिक पुलवामा में आतंकी हमले के एक दिन बाद जेल में बंद आठ पाकिस्तानी कैदियों ने टेलीविजन देखते हुए पाक जिंदाबाद के नारे लगाए थे, इससे अन्य कैदियों में नाराजगी थी। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में पिछले तीन दिन से कई बार विवाद भी हुआ, लेकिन जेल प्रशासन की दखल से मामला शांत हो गया। बुधवार को एक बार फिर कैदियों के दोनों गुटों में विवाद हुआ और इसी दौरान अन्य कैदियों ने शकीरूल्लाह की पीट–पीटकर हत्या कर दी। ये सभी कैदी एक ही बैरक में टीवी देख रहे थे। मृतक आतंकी संगठन सिमी और लश्कर–ए–तैयबा से जुड़ा हुआ था। वह यहां आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।
जेल के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि कैदियों के बीच बैरक में लगे टीवी की आवाज को कम–ज्यादा करने को लेकर विवाद था। विवाद इतना बढ़ा कि अन्य कैदियों ने उसकी हत्या कर दी। उधर, सूत्रों ने बताया कि असली कारण मृतक द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी करना है। इसको लेकर जेल में बंद अन्य कैदियों में नाराजगी थी और इसी के चलते बुधवार को मामला बढ़ा।
आपको बता दें कि जयपुर सेंट्रल जेल में 8 आतंकी उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। इनमें से एक कैदी शकीरूल्लाह की अन्य कैदियों के साथ हुई मारपीट में हत्या की गई है। शकीरूल्लाह को वर्ष 2011 में एटीएस ने गिरफ्तार किया था और 30 नवंबर 2017 को जयपुर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी। पूछताछ में सामने आया था कि वह अन्य आतंकियों के साथ मिलकर जासूसी और आतंकी गतिविधियों के लिए फंड की व्यवस्था करता था।





