Friday, April 24, 2026
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ब.ज.सि. रामपुरिया जैन विधि महाविद्यालय में एक दिवसीय विधि जागरूकता कार्यक्रम

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बीकानेर Abhayindia.com ब.ज.सि. रामपुरिया जैन विधि महाविद्यालय सभागार में आज महाविद्यालय की रासेयो की दोनों इकाईयों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य रालसा द्वारा किए जा रहे नवाचार न्याय आपके द्वार-लोक उपयोगिता से विधि विद्यार्थियों को अवगत करवाते हुए समाज में प्रसारित करना था। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मांडवी राजवी थी।

इस अवसर पर राजवी ने स्वयंसेवकों तथा विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे विधि विद्यार्थी होने के नाते समाज के प्रत्येक वर्ग को विधि के प्रति जागरूक करने के लिए कार्य करें और इसके लिए रालसा का यह नवाचार बहुत उपयोगी साबित हो सकता है। उन्होंने लोक अदालत के जरिए होने वाली कार्यवाही के बारे में विद्यार्थियों को अवगत करवाया।

राजवी ने विद्यार्थियों को बताया कि किस प्रकार लोक अदालत के माध्यम से आम जन को सस्ता, सुलभ एवं त्वरित न्याय मिल सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के समय में पढे लिखे लोग भी विधिक प्रावधानों की जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों से वंचित हो रहे है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि विधि विद्यार्थी होने के नाते सभी स्वयंसेवकों का समाज के प्रति यह दायित्व है कि वे इस प्रकार के कार्यक्रमों तथा प्रावधानों के प्रति पहले स्वयं सजग होकर और समाज में प्रेरणा प्रदान करने कार्य करें।

इससे पूर्व महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. अनन्त जोशी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मांडवी राजवी ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि के द्वारा कार्यक्रम की शुरूआत की। इसके पश्चात अपने स्वागतीय उद्बोधन में महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. जोशी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा रालसा का धन्यवाद दिया तथा अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से विधि विद्यार्थियों को प्रेरणा मिलती है तथा वे आगे समाज में जाकर पीडित तथा वंचित व्यक्तियों को अपने विधिक तथा संवैधानिक अधिकारों के बारे में जागरूक कर सकते है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अतिथियों से प्रश्नों के माध्यम से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम के अन्त में महाविद्यालय परिवार द्वारा स्मृति चिन्ह के रूप में भारतीय संविधान की प्रस्तावना की प्रति अतिथियों को प्रदान की। कार्यक्रम में महाविद्यालय के व्याख्याता डाॅ. बालमुकुन्द व्यास, डाॅ. प्रीति कोचर, डाॅ. पीयूष किराडू, चेतना ओझा, राजश्री सुथार, राकेश रंगा, रासेयो स्वयंसेवक तथा महाविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की व्याख्याता सुनीता लूणिया ने किया तथा चेतना ओझा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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