जयपुर (अभय इंडिया न्यूज)। प्रदेश में राजकीय भवनों के शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण जैसे कार्यक्रमों में अब जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी जरूरी होगी। इनके बिना ऐसे कार्यक्रम कराने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में मुख्य सचिव एन. सी. गोयल ने सभी राजकीय विभागों, राजकीय उपक्रमों, बोर्ड, निगमों एवं स्वायत्तशासी संस्थाओं में पदस्थापित अधिकारियों को निर्देश दिये है।
मुख्य सचिव ने बताया कि सार्वजनिक राशि के उपयोग से बनने वाले राजकीय भवनों, राजकीय उपक्रम, बोर्ड, निगम एवं स्वायतशासी संस्थाओं के भवनों के शिलान्यास व उद््घाटन कार्यक्रम में सांसद, विधायक, जिला प्रमुख, प्रधान, नगर निकायों के मेयर, सभापति, अध्यक्ष, सरपंच एवं अन्य जन प्रतिनिधियों, विशेषकर स्थानीय जनप्रतिनिधि को आमंत्रित करना आवश्यक होगा।
उन्होंने बताया कि इन दिशा-निर्देशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध राजस्थान सिविल सेवाएं (आचरण) नियम 1971 के प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए अनुशासनिक कार्यवाही की जा सकती है। मुख्य सचिव ने बताया कि इन दिशा निर्देशों का उल्लंघन होने पर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा 6 मार्च 2018 की दी गई व्यवस्था के अनुसार उन्हें विधान सभा विशेषाधिकार हनन का दोषी भी माना जा सकता है।