Friday, April 24, 2026
Hometrendingअस्थिरता के दौर से गुजर रहे पड़ौसी देश, चुनौतियों के बावजूद हमारा...

अस्थिरता के दौर से गुजर रहे पड़ौसी देश, चुनौतियों के बावजूद हमारा भारत अखंड, एकजुट : मुख्य न्यायाधीश

AdAdAdAdAdAdAd

बीकानेर Abhayindia.com उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई ने कहा कि आज हमारे पड़ौसी देश घोर अस्थिरता के दौर से गुजर रहे हैं, लेकिन कई आंतरिक और बाह्य चुनौतियों के बावजूद हमारा भारत अखंड, एकजुट और मजबूत है। इसका श्रेय हमारे संविधान तथा संविधान निर्माताओं को जाता है, जिसमें बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही है। गवई शनिवार को महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित ‘संविधान निर्माण के 75 वर्ष और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की भूमिका’ विषयक सेमिनार को संबोधित कर रहे थे।

मुख्य न्यायाधीश गवई ने कहा कि देश का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। इसे लागू हुए हाल ही में 75 वर्ष पूर्ण हुए हैं और हम संविधान का अमृत महोत्सव आयोजित कर रहे हैं। यह संविधान बनाने में बाबा साहेब की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण थी। उनके योगदान को इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के संविधान ने ‘वन पर्सन, वन वोट, वन वेल्यू’ का अधिकार दिया। वे सामाजिक और आर्थिक समानता के पक्षधर थे। श्री गवई ने कहा कि भारत का संविधान युद्ध और शांतिकाल में देश को एक सूत्र में बांधने वाला है।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि 75 वर्ष का समय लम्बा नहीं होता, लेकिन फिर भी इस दौर में हमारे देश ने बहुत प्रगति की है। हमारी विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका ने बेहतर कार्य करते हुए राष्ट्र को और सशक्त किया है। आज देश के वंचित वर्ग के लोग आगे आए हैं। देश के सर्वोच्च पदों पर इस तबके के लोग और महिलाओं को बैठने का मौका हमारे सांविधान ने दिया है। देश के हर कौने में सड़क, पानी, बिजली और शिक्षा जैसे सुविधाएं पहुंची हैं।

मां अमृता देवी के योगदान 
का किया स्मरण

मुख्य न्यायाधीश गवई ने मां अमृता देवी के पर्यावरण संरक्षण के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि मां अमृता देवी ने सदियों पूर्व पर्यावरण संरक्षण की चेतना जगाई। आज उनके सिद्धांत सर्वाधिक प्रासंगिक हैं। हमें इन्हें समझना और इनका अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिश्नोई समाज आज भी उनके आदर्शों का अनुसरण कर रहा है।

केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि अमेरिका में महिलाओं को मतदान का अधिकार पाने में 144 साल लगे। ब्रिटेन ने सौ साल के लंबे संघर्ष के बाद दो चरणों में मतदान का अधिकार पाया, लेकिन बाबा साहेब के संविधान ने महिलाओं और पुरुषों को मतदान का समान अधिकार दिया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब प्रत्येक विषय के जानकार थे। उन्होंने देश को समानता का अधिकार दिया। बाबा साहेब का मानना थी कि समानता रहेगी तो स्वतंत्रता अपने आप सुरक्षित होगी। उन्होंने संविधान निर्मात्री सभा में सदस्य रहे बीकानेर के स्व. जसवंत सिंह दाऊदसर के योगदान का स्मरण भी किया।

उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश विजय बिश्नोई ने कहा कि संविधान के कारण ही हमारा देश सुरक्षित है और लोकतंत्र कायम है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने समाज में समरसता के भाव जगाए। उन्होंने बताया कि बीकानेर से उनका गहरा नाता रहा है। उनके पिता ने राजकीय डूंगर कॉलेज से एलएलबी की डिग्री हासिल की। वकालात के दौर में वे भी बीकानेर आते रहे हैं।

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजीव कुमार शर्मा ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि आज का समय संविधान को लागू होने के 75 वर्ष पूर्ण होने पर गर्व करने के साथ आधुनिक भारत के मूल्यों, दूरदर्शिता और दृष्टिकोण पर विचार करने का भी है।

इससे पहले मुख्य न्यायाधीश और केंद्रीय मंत्री सहित अन्य अतिथियों ने संविधान, बाबा साहेब के चित्र तथा महाराजा गंगासिंह की प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित किए। कार्यक्रम में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पुष्पेंद्र सिंह भाटी तथा बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के सदस्य कुलदीप शर्मा बतौर अतिथि मौजूद रहे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक शर्मा ने आभार जताया।

कार्यक्रम में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विनीत माथुर, इंद्रजीत सिंह, रवि चिनानिया, पूर्व न्यायाधीश माणक मोहता, जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल कुमार सक्सेना, बीकानेर (पूर्व) विधायक सिद्धि कुमारी, खाजूवाला विधायक डॉ विश्वनाथ मेघवाल, श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत, संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा, महानिरीक्षक पुलिस हेमंत शर्मा, जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि, पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सागर, कार्यक्रम कॉर्डिनेटर अशोक प्रजापत, सचिव विजयपाल बिश्नोई, उपाध्यक्ष रामरतन गोदारा, संजय रामावत, साजिद मकसूद, वरुण शर्मा, संदीप स्वामी, तेजकरण राठौड़ सहित विभिन्न न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता, विधि विद्यार्थी और आमजन मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने बेहतर आयोजन के लिए बार एसोसिएशन और कॉर्डिनेटर प्रजापत को शुभकामनाएं दी।

मुख्य न्यायाधिपति ने मेगा विधिक 
सेवा शिविर-2025 का किया निरीक्षण

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बी.आर.गवई ने शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकऱण की ओर से महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय परिसर में लगाए गए मेगा विधिक सेवा शिविर-2025 का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश ने जिला प्रशासन के सहयोग से शिविर में लगाई गई विभिन्न विभागों की स्टॉल का जायजा भी लिया।

मुख्य न्यायाधिपति ने ऊंटनी के दूध
से बने पेड़े का चखा स्वाद

मुख्य न्यायाधीश गवई ने एनआरसीसी की ओर से लगाई गई स्टॉल पर ऊंटनी के दूध से बने पेड़ेे का स्वाद चखा और ऊंटनी के दूध के अन्य उत्पादों के बारे में जानकारी ली।ज़िले के पंच गौरव को लेकर लगाई गई स्टॉल पर जिलेे के पंच गौरव के बारे में जानकारी ली। इस दौरान जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि मुख्य न्यायाधिपति गवई को विभिन्न उत्पादों की जानकारी दी। महिला एवं बाल विकास विभाग की स्टॉल पर महिलाओं को अन्न प्रासन्न और गोद भराई की रस्म भी निभाई। बीकानेर की प्रसिद्ध उस्ता कला के बारे में भी जाना।

शिविर में देश के मुख्य न्यायाधीश के पधारने पर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल कुमार सक्सेना ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश गवई की सकारात्मक सोच से पूरा देश लाभान्वित हो रहा है। साथ ही कहा कि हमारे लिए बड़े गौरव के पल हैं कि देश के मुख्य न्यायाधीश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित मेगा विधिक सेवा शिविर में पधारे। इससे पूर्व शिविर में पधारने पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधिपति बी.आर. गवई, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधिपति विजय बिश्नोई, केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राजस्थान हाई कोर्ट के जस्टिस और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ( रालसा) के अध्यक्ष संजीव प्रकाश शर्मा, हाईकोर्ट जस्टिस पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़, जस्टिस विनीत माथुर, जस्टिस इंद्रजीत सिंह, जस्टिस रवि चिरानिया का साफा पहनाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।

- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!