







जयपुर Abhayindia.com मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में प्रदेश के मेडिकल कॉलेज एवं इनसे सम्बद्ध अस्पतालों में आधारभूत व्यवस्थाओं के साथ समग्र रूप से सुदृढ़ीकरण के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में चिकित्सा शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी एवं संबद्ध चिकित्सा महाविद्यालयों में मेस एवं कैंटीन सेवाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने के लिए 12-सूत्रीय दिशा-निर्देश निर्धारित किए हैं, जिनसे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल एवं संबद्ध अस्पतालों में स्वच्छ, किफायती, पौष्टिक एवं छात्र-केन्द्रित भोजन व्यवस्था सुनिश्चित होगी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कैंटीन संचालन हेतु 12-सूत्रीय दिशा-निर्देशों की यह पहल भोजन गुणवत्ता में सुधार, नियमित समय पर निर्माण, स्वच्छता, सही कीमतें एवं उचित प्रबंधन में कारगर साबित होंगी। उन्होंने बताया कि कैंटीन से जुड़ी समस्याओं के समाधान से छात्रों का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। साथ ही, इससे इनके मनोबल एवं पढ़ाई पर भी सकारात्मक असर होगा। इससे राज्य के 20 हजार से अधिक चिकित्सा छात्रों के लिए स्वस्थ, तनावमुक्त वातावरण सुनिश्चित होगा।
शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा अम्बरीष कुमार ने बताया कि कैंटीन संचालन के संबंध में ये आदेश जयपुर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर सहित सभी जिलों के चिकित्सा महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के प्राचार्यों एवं नियंत्रकों को जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इन निर्देशों के अनुसार सभी चिकित्सा महाविद्यालयों एवं छात्रावासों में शहरी-ग्रामीण संदर्भ के अनुसार तत्काल मेस एवं कैंटीन व्यवस्था स्थापित किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था तत्काल लागू की जाएगी।
कैंटीन में स्वच्छता पर विशेष फोकस
दिशा निर्देशों के अनुसार कैंटीन में स्वच्छ रसोई, सुरक्षित पेयजल, अपशिष्ट प्रबंधन, बैठने की पर्याप्त जगह एवं बर्तन के साथ नियमित स्वच्छता ऑडिट अनिवार्य किया गया है। छात्र-शिक्षक-प्रशासन की संयुक्त समिति मेन्यू निर्धारण करेगी। साथ ही मौसमी विविधता अनुसार भोजन में विकल्प, एलर्जी या चिकित्सकीय आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाएगा।
संयुक्त समिति तय करेगी दरें
निर्देशों के अनुसार संयुक्त समिति द्वारा खाद्य पदार्थों की उचित दरें अनुमोदित की जाएंगी। साथ ही किसी भी प्रकार की मनमानी वृद्धि नहीं की जा सकेगी। कैंटीन में पारदर्शी शुल्क संग्रहण एवं लेखा-जोखा रखना अनिवार्य होगा। कैंटीन के लिए पारदर्शी ई-टेंडर से चयन, वार्षिक नवीनीकरण, प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन आदि किया जाएगा। साथ ही नियमों एवं गुणवत्ता में उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान होगा।
छात्र-नेतृत्व वाली मेस समिति होगी
छात्र-नेतृत्व वाली मेस समिति में 50 प्रतिशत छात्र, 30 प्रतिशत शिक्षक, 20 प्रतिशत प्रशासन से जुड़े लोग होंगे, जो कि दैनिक संचालन, मेन्यू, ठेकेदार प्रबंधन पर निगरानी रखेगी। इसकी मासिक बैठकें आयोजित किया जाना अनिवार्य होगा। शिकायत निवारण तंत्र के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन एवं ऑनलाइन पोर्टल का प्रावधान होगा। शिकायत का निस्तारण 48 घंटे में किया जाएगा। कैंटीन में भोजन बनाने वाले कर्मचारियों को भोजन सुरक्षा, स्वच्छता, ग्राहक सेवा पर अनिवार्य प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही सभी कर्मियों का स्वास्थ्य प्रमाणपत्र एवं बैकग्राउंड वेरिफिकेशन किया जाना अनिवार्य होगा। कैंटीन में समयबद्ध सेवा एवं आपात व्यवस्था का भी ध्यान रखा जाएगा। त्रैमासिक निरीक्षण का प्रावधान एवं उल्लंघन पर ठेका रद्द करने तक की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण महाविद्यालयों में कैंटीन के लिए सब्सिडी एवं बुनियादी ढांचा सहायता प्रदान की जाएगी। पोषण एवं स्वच्छता पर छात्र अभिमुखीकरण होगा। इसके अलावा प्रत्येक कैंटीन का वार्षिक संतुष्टि सर्वेक्षण भी किया जाएगा।






