महापौर ने कहा- कल्लाजी और उनके अधिकारी 1062 पट्टों की नामवार लिस्ट उपलब्‍ध करा दें तो मैं इस्‍तीफा देने को तैयार…

Sushila Kanwar Rajpurohit Mayor Bikaner Nagar Nigam
Sushila Kanwar Rajpurohit Mayor Bikaner Nagar Nigam

बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर नगर निगम में महापौर और आयुक्‍त के बीच चल रहे विवाद के बीच शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्‍ला को भी घसीटा जा रहा है। महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित सहित भाजपा के वरिष्‍ठ नेता लगातार मंत्री कल्‍ला को लेकर तीखी बयानबाजी कर रहे हैं। इन नेताओं का आरोप है कि वे आयुक्‍त गोपालराम बिरदा को बचाने के लिए हर हथकंडे अपना रहे हैं।

वरिष्‍ठ भाजपा नेता डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य ने मंत्री कल्‍ला की ओर से महापौर को लेकर दिए गए बयान को लेकर कहा कि बिना तथ्यों के शहर की प्रथम नागरिक पर ऐसे निराधार आरोप लगाना इतने वरिष्ठ नेता को शोभा नहीं देता। किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति पर आरोप लगाने से पूर्व आरोपों को साबित करने के लिए तथ्य होने आवश्यक है। कल्ला द्वारा लगाए गए आरोप निराधार ही नहीं बल्कि इन आरोपों में मंत्री कला के विफलता तथा डूबते राजनीतिक कैरियर की खीज साफ नजर आ रही है।

जिला महामंत्री मोहन सुराणा ने कहा कि मंत्री कल्ला अपनी विफलता छुपाने के लिए ऐसे अधिकारी को नगर निगम लेकर आए हैं जो भाजपा बोर्ड को काम करने से रोक रहा है।

वरिष्ठ भाजपा नेता गुमान सिंह राजपुरोहित में अपने संबोधन में कहा कि आयुक्त पट्टों में गलत नियमों के आधार पर जनता के खून पसीने की कमाई को लूट रहे हैं। इतना ही नहीं पट्टों के नाम पर भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ गया है कि आयुक्त के शह में अधिकारी और खुद आयुक्त जनता से हजारों रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं। ऐसे भ्रष्टाचारी अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सरकार को हटाना होगा नहीं तो बीकानेर की जनता ऐसे अधिकारियों को हटाना अच्छे तरीके से जानती है।

बीकानेर केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष बाबूलाल गहलोत ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि जनहित में धरने पर बैठी महापौर की जायज मांग आयुक्त को हटाने को लेकर सरकार द्वारा अगर आगामी 2 दिनों में कोई कदम नहीं उठाया गया तो शहर के सभी 1800 केमिस्ट अपनी दुकानों की चाबियां कलेक्टर को सौंपेंगे। धरना स्थल पर आज महापौर को एबीवीपी, किन्नर समाज, केमिस्ट एसोसिएशन, ठेला यूनियन तथा विभिन्न संगठनों का भारी सहयोग और समर्थन मिला।

महापौर सुशीला कंवर ने कहा कि पिछले 3 वर्षों में नगर निगम द्वारा सभी वार्ड में कराए गए कार्यों और भाजपा बोर्ड की बढ़ती लोकप्रियता मंत्री कल्ला पचा नहीं पा रहे हैं। मंत्री द्वारा दिए गए बयान बचकाने नजर आ रहे हैं। मेरे द्वारा तथ्यों और सबूतों के साथ आयुक्त पर लगाए गए आरोपों पर चर्चा करने के बजाए कल्लाजी का यह कहना कि मुझे अखबार से पता चला है कि महापौर ऑफिस में नहीं बैठती। स्थानीय विधायक के लिए इससे ज्यादा शर्मनाक और कुछ नहीं। अगर मंत्री खुद बीकानेर में धरातल स्तर पर कार्य करते तो उन्हें पता होता कि मैं निगम में कितना समय देती हूं। अखबार से उनको यह जानकारी लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती। मंत्री द्वारा मुझ पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप पूर्णतया निराधार है।

महापौर ने कहा कि मैं मंत्रीजी को खुला चैलेंज देती हूं कि मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार की एक फाइल लाकर दिखा दे नहीं तो कल मैं दसों फाइलें मंत्रीजी के इस ईमानदार अधिकारी की लाकर दिखाती हूं जिसमें बड़े स्तर पर नियमों और कानून की धज्जियां उड़ाकर आयुक्त गोपाल राम द्वारा भ्रष्टाचार किया गया है। कल्लाजी जिस अधिकारी को ईमानदार और अनुभवी बता रहे हैं वह अधिकारी वास्तव में झूठ का पुलिंदा है। महापौर ने कहा कि हाल ही में आयोजित प्रशासन शहरों के संग अभियान की कार्यशाला में आयुक्त ने जो 1062 पट्टों के आंकड़े दिए हैं, अगर कल्लाजी और उनके ईमानदार अधिकारी उन 1062 पट्टों की नामवार लिस्ट उपलब्ध करवा दें तो ना सिर्फ में धरना खत्म कर दूंगी बल्कि तत्काल प्रभाव से महापौर पद से इस्तीफा देकर भविष्य में कभी राजनीति में नहीं आऊंगी। नगर निगम द्वारा मात्र 400 पट्टे जारी किए गए हैं बार-बार झूठी सूचनाएं देकर आयुक्त गोपालराम ना सिर्फ सरकार को गुमराह कर रहे हैं बल्कि सरकार के इस बड़े अभियान की विश्वसनीयता और सरकार की साख भी खत्म कर रहे हैं।