Saturday, April 25, 2026
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रोचक प्रेम कहानी : लवगुरु को छोड़ गई 30 साल छोटी जूली

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अभय इंडिया डेस्क. पटना में रहने वाले लव गुरु के नाम से प्रसिद्ध हुए मटुकनाथ चौधरी साल 2006 में खुद से 30 साल छोटी छात्रा जूली के साथ संबंधों को लेकर पूरे देश में चर्चा में आ गए थे। वे एक बार फिर चर्चा का विषय बने हुए है। इस बार उनकी जूली उन्हें छोड़ कर जा चुकी है। जूली मटुक नाथ के साथ 2007 से 2014 तक लिव इन रिलेशनशिप में रही। इसके बाद वो पटना से चली गईं। फिलहाल, जूली कहां हैं, इसकी जानकारी खुद मटुकनाथ को भी नहीं है।

मटुक-जूली की प्रेम कहानी : पटना के शास्त्रीनगर मोहल्ले में अपने तीन बेड रूम वाले फ्लैट में अकेले रह रहे मटुकनाथ चौधरी से एक पत्रकार ने पूछा कि क्या उनको कोई पछतावा है? इस पर पहले तो मटुकनाथ हंसे, फिर बोले-‘जूली और मेरे जरिए इतना बड़ा काम हो गया, प्रेम का प्रकाश पूरी दुनिया में फैला, ऐसे में पछतावा कैसा? प्रेम अभी प्राप्त हुआ, ये कल भी प्राप्त हो, इसकी कामना नहीं, लेकिन मिल जाए तो अहो भाग्य।’ जूली और मटुक की पहली मुलाकात साल 2004 में हुई थी। मटुक नाथ पटना के बीएन कॉलेज में पढ़ाते थे और जूली छात्रा थीं। मटुक के अनुसार ‘वो काली पोशाक में क्लास आई थी और करीब सात मिनट लेट थीं, मुझे वो पहली नजर में अच्छी लगी, लेकिन कक्षा में देर से आने वाले विद्यार्थी मुझे पसंद नहीं, इसलिए जूली को मैने डांटा और कहा कि अगर लेट आना है तो मेरी क्लास करना छोड़ दे।’ लेकिन इस पहली डांट से इतर दोनों की नजदीकियां बढ़ीं। मटुक नाथ के मुताबिक उनकी क्लास के दूसरे स्टूडेंट ‘घुसगोलाचार्य’ यानी बेवकूफ़ थे लेकिन जूली उन सबमें बहुत तेज थी, हालांकि जूली की भाषा ‘उल जुलूल’ थी जिसकी आलोचना वो करते रहते थे।

ऐसी बढ़ी नजदीकियां : मटुकनाथ और जूली के बीच नजदीकियां तेजी से बढ़ी। पहली मुलाकात के 6 माह बीतते-बीतते जूली ने मटुक नाथ को प्रेम का प्रस्ताव दिया। आलम ये था कि प्रोफेसर मटुक नाथ ने पहला मोबाइल फोन खरीदा ताकि वो जूली से बात कर सकें, बाद में दोनों की कॉलेज के बाहर मुलाकात होने लगी। मटुक बताते हैं, ‘बहुत मुश्किल था, एक अधेड़ उम्र का आदमी एक जवान लड़की के साथ पार्क में बैठ जाए तो लोगों की नजरें उसे घूरती रहती हैं, उस वक्त ऐसा लगता है कि पटना में कोई एकांत प्रेमियों के लिए नहीं है।’

मटुक को नहीं कोई हिचक : मटुक नाथ भी अपने प्रेम संबंधों को बेहिचक स्वीकारते हैं। वो बताते हैं कि 1978 में आभा से शादी हुई लेकिन दो साल बाद ही उन्हें अधूरापन सा लगने लगा। बकौल मटुक नाथ- मैंने उसी वक्त तय कर लिया कि मैं किसी दूसरी स्त्री के पास जाऊंगा। जूली से पहले मुझे दो बार प्रेम हुआ, 1981 में एक छात्रा से और फिर एक बार 1994 में एक महिला से घनघोर प्रेम हुआ जिसके टूट जाने पर मैं 3 साल तक विक्षिप्त हालत में रहा।

आभा ने कर ली कानून की पढ़ाई : मटुक नाथ की पत्नी आभा चौधरी ने मटुक के जाने के बाद 53 साल की उम्र में कानून की पढ़ाई की। आभा अपने इस फैसले के बारे में बहुत फख़्र से बताती है कि 2007 से ही कोर्ट के चक्कर लगाना शुरू किया लेकिन वहां जाकर बेवकूफ की तरह बैठे रहते थे, इसलिए अपनी लड़ाई लडऩे के लिए लॉ ग्रेजुएट हुई और अपने मामले को बेहतर तरीके से समझ पाईए अभी भी प्रोफेसर साहब (मटुक नाथ) से जो पैसे मिलेंगे वो मैं पति से परेशान पत्नियों की मदद पर ही खर्च करूंगी।

बनी रहेगी ये प्यास : फिलहाल, मटुक नाथ और आभा चौधरी पटना शहर के दो अलग-अलग कोनों पर रह रहे हैं। वहीं मटुक नाथ के मुताबिक जूली अध्यात्म की तरफ जा चुकी हैं। वो अपने प्रेम संबंध पर कहते है, जूली के साथ मन से मेरा अलगाव नहीं हुआ है, हमारा प्रेम चालू है, बस हम दोनों ने अलग-अलग रहने का फैसला किया है, बाकी प्रेम की प्यास तो मेरे भीतर जीवन भर बनी रहेगी।

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