












नई दिल्ली Abhayindia.com वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। मोदी 3.0 के तीसरे और अपने कार्यकाल के 9वें बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई घोषणाएं की। बजट में सुधार, नौकरी, कौशल और समावेशी विकास पर जोर दिया गया है। किसानों और छात्रों से लेकर MSMEs, हेल्थकेयर वर्कर्स और यात्रियों तक बजट 2026 में रोजमर्रा के जीवन को बेहतर बनाना और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के मकसद से कई उपाय किए गए है।
खेती से जुड़ी आजीविका पर दिया खास जोर
बजट 2026 में ग्रामीण समृद्धि और खेती से जुड़ी आजीविका पर खास जोर दिया गया है। मुख्य पहलों में मछली पालन को मजबूत करने के लिए 500 तालाबों और अमृत सरोवरों का इंटीग्रेटेड विकास, और पशुपालन क्षेत्र में क्वालिटी ग्रामीण रोजगार पैदा करने के लिए उद्यमिता विकास शामिल किया गया है। इसके अलावा बागवानी फसलों के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। नारियल प्रोत्साहन योजना के तहत पुराने, कम पैदावार वाले पेड़ों की जगह बेहतर किस्म के पेड़ लगाकर उत्पादन और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने की योजना है, उम्मीद है कि इससे लगभग 30 मिलियन लोगों को फायदा होगा, जिसमें 10 मिलियन किसान शामिल हैं। काजू और कोको के लिए खास प्रोग्राम का मकसद भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। साथ ही 2030 तक उन्हें प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड बनाना है। इसके अलावा सरकार भारतीय चंदन के इकोसिस्टम को फिर से जिंदा करने के लिए राज्यों के साथ भी काम करेगी।
किसान बनेंगे स्मार्ट
स्मार्ट खेती को सपोर्ट करने के लिए, बजट 2026 ने भारत-विस्तार पेश किया है, जो एक मल्टीलिंगुअल AI-आधारित प्लेटफॉर्म है। यह प्लेटफॉर्म के जरिए किसान बेहतर फैसले, जोखिम कम करने और कस्टमाइज्ड सलाह के जरिए प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में मदद करेगा। इसके अलावा, ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए ‘SHE-मार्ट्स’ (सेल्फ-हेल्प- एंटरप्रेन्योर) शुरू किए जाएंगे, जहां महिलाएं अपने सामान बेच सकेंगी। यह प्रोग्राम आगे चलकर महिलाओं को बिजनेस ओनर बनने में मदद करेंगी, जो लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता पर आधारित है।
नए संस्थान, हॉस्टल और यूनिवर्सिटी टाउनशिप
बजट 2026 में शिक्षा में निवेश पर जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने इंडस्ट्री-एकेडेमिया लिंकेज को बेहतर बनाने के लिए पूर्वी भारत में एक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन और प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप खोलने का प्रस्ताव दिया है। लड़कियों की शिक्षा को सपोर्ट करने के लिए, हायर एजुकेशन STEM संस्थानों में हर जिले में एक लड़कियों का हॉस्टल बनाया जाएगा। बजट में एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी में रिसर्च को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इसके अलावा स्किल्स विकास, नौकरी और AI जैसी उभरती टेक्नोलॉजी को एक साथ लाने के लिए एक हाई-पावर्ड एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज स्टैंडिंग कमेटी भी बनाई जाएगी।
तीन-तरफ़ा सपोर्ट रणनीति
MSMEs को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए, बजट 2026 में तीन-तरफ़ा सपोर्ट रणनीति पेश की गई है। इसमें इक्विटी, लिक्विडिटी और प्रोफेशनल सहायता शामिल है। इसके तहत ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड लॉन्च किया जाएगा, जबकि आत्मनिर्भर भारत फंड को ₹2,000 करोड़ मिलेंगे। कंप्लायंस का बोझ कम करने के लिए, टियर-II और टियर-III शहरों में ‘कॉर्पोरेट मित्र’ का एक कैडर बनाया जाएगा।
नौकरियां, स्किल्स और बेहतर हेल्थकेयर
बजट 2026 युवाओं के लिए नए हेल्थकेयर करियर के रास्ते बनाने पर फोकस करता है। सरकार अगले पांच सालों में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स को जोड़ने और 1.5 लाख केयरगिवर्स को ट्रेन करने की योजना बना रही है।
बजट में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोलने, NIMHANS-2 लॉन्च करने और नए इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर सेंटर्स के जरिए जिला अस्पतालों में क्षमता को 50% तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है। मेडिकल वैल्यू टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब भी बनाए जाएंगे।
मिडिल क्लास के लिए बजट
बजट 2026 में टैक्स से जुड़ी उम्मीदों के मुताबिक, कोई ऐलान नहीं हुआ है। उम्मीद थी कि स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट को 75,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ऐसे में मिडिल क्लास को इस बजट से कुछ हासिल नहीं हुआ। हालांकि, कुछ ऐलानों से उन्हें लाभ होता नजर आ रहा है। इनमें कैंसर और मधुमेह की दवाओं पर ड्यूटी से छूट दिया जाना शामिल है। इसके साथ ही कई प्रोडक्ट्स पर कस्टम ड्यूटी घटाए जाने से जूते, चप्पल, स्मार्टफोन समेत कई उपयोग की चीजें सस्ती हो जाएंगी।
रेल कॉरिडोर की घोषणा
बजट 2026 में हाई-स्पीड ट्रेन कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिला है। सात कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें हैदराबाद-चेन्नई, मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं। इन प्रोजेक्ट्स का मकसद यात्रा का समय कम करना, शहरी विकास को सपोर्ट करना और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देना है।
मेडिकल, हेरिटेज और सांस्कृतिक को बढ़ावा
पर्यटन से होने वाली ग्रोथ को बढ़ाने के लिए, बजट 2026 में आयुष केंद्रों और पोस्ट-केयर सुविधाओं के साथ पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाने का प्रस्ताव किया गया है। मौजूदा होटल मैनेजमेंट काउंसिल को अपग्रेड करके एक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी बनाया जाएगा। नॉर्थ-ईस्ट में बौद्ध सर्किट प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ एक नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड और 15 मशहूर पुरातात्विक स्थलों के विकास के माध्यम से हेरिटेज टूरिज्म को मजबूत किया जाएगा।
दिव्यांगजनों के लिए योजना
बजट 2026 में कस्टमाइज्ड, इंडस्ट्री से जुड़ी ट्रेनिंग के लिए दिव्यांगजन कौशल योजना और ALIMCO और PM दिव्याशा केंद्रों के जरिए सहायक उपकरण बनाने, R&D और टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन को सपोर्ट करने के लिए दिव्यांग सहारा योजना शुरू की गई है।
'खेलो इंडिया मिशन' की घोषणा
सरकार ने अगले दशक में खेल सेक्टर को बदलने के लिए बजट 2026 के तहत ‘खेलो इंडिया मिशन’ की घोषणा की। यह मिशन टैलेंट पहचानने, कोच डेवलपमेंट, स्पोर्ट्स साइंस को शामिल करने और आधुनिक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर फोकस करेगा।




