








बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर में गोचर को बचाने के लिए साधु-संत समाज, सामाजिक संगठनों के मुखिया, अखिल भारतीय गौवंश गोचर संरक्षण संस्थान बीकानेर एवं गोचर ओरण संरक्षक संघ से जुड़े लोगों ने हुंकार भरी है। सोमवार को रानीबाजार स्थित गोदावरी पैलेस में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में साधु संत समाज ने राज्य सरकार को चेतावनी 26 जनवरी 2026 तक का अल्टीमेटम दिया है। राष्ट्रीय संत सरजूदासजी महाराज ने पत्रकार सम्मेलन में कहा कि सरकार व प्रशासन को 26 जनवरी 2026 तक का अल्टीमेटम दिया है अन्यथा 27 जनवरी 2026 को बड़े स्तर पर आंदोलन-प्रदर्शन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि गत चार माह से चल रहे विरोध के बावजूद जिला प्रशासन व सरकार द्वारा गोचर भूमियों को पुन: गोचर भूमि के रूप में रखने के लिए कोई कार्यवाही नहीं की गई है। इससे पूरा सन्त समाज, गौसेवक, गौपालक व बीकानेर की पूरी जनता में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि जो गौभक्त होगा वो आंदोलन में शामिल होगा, ये धर्मनीति है यहां राजनीति का कोई स्थान नहीं।
गोचर ओरण संरक्षण समिति के संयोजक शिवकुमार गहलोत ने कहा कि राजस्थान सरकार के नोटिफिकेशन दिनांक 01.09.2025 द्वारा गोचर भूमियों को बीकानेर विकास प्राधिकरण के नाम दर्ज करने के आदेश दिये गये हैं साथ ही इन्हीं आदेशों के आधार पर बीकानेर के नये मास्टर प्लान 2023 से 2043 में शरह नथानिया, सुजानदेसर, भीनासर व उदयरामसर की करीब 40 हजार बीघा गोचर भूमियों का आवासीय एवं कॉमर्शियल भू उपयोग प्रस्तावित किया गया है। जो गैर कानूनी व आम जनता की धार्मिक भावना का आहत करने वाला है। गहलोत ने बताया कि धरना, प्रदर्शन, क्रमिक अनशन, बीकानेर बन्द, भूख हड़ताल सहित हर प्रकार का प्रयास किया जाएगा ताकि सरकार की आंखें खुले।
गोचर में लाखों खेजडिय़ां, पूरे शहर को मिलती है ऑक्सीजन
गौसेवक मनोज सेवग ने कहा कि बिश्नोई समाज द्वारा चलाये जा रहे खेजड़ी आन्दोलन का भी समर्थन करते हैं। खेजड़ी के प्रति धार्मिक आस्था है और गोचर भूमियों में भी लगभग 3-4 लाख से अधिक खेजड़ी वृक्ष है ऐसी स्थिति में पूर्ण ताकत के साथ खेजड़ी आन्दोलन का समर्थन करेंगे एवं साथ मिलकर सरकार के विरूद्ध प्रदर्शन भी जारी रखेंगे। मनोज सेवग ने कहा कि गोचर केवल गौमाता के लिए ही नहीं बल्कि पूरे शहर को ऑक्सीजन प्रदान करने वाला स्थान है। यहां लाखों पेड़, जीव-जन्तु है जिनका आश्रय किसी को छीनने नहीं देंगे। आगामी 27 जनवरी 2026 को दिये जाने वाले धरने में शामिल होने के लिये देश के अनेक सन्तों ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है और सैकड़ों की संख्या में साधु-सन्त स्थायी तौर पर धरने में भाग लेंगे। महंत क्षमाराम महाराज, सागर के श्रीधरानन्द महाराज, विवेकनाथ बगेची के शिवशक्तिनाथ महाराज ने वीडियो जारी कर धरने में शामिल होने के लिए समर्थन किया है। प्रेसवार्ता को शिव कुमार गहलोत, महन्त शंकरपुरी, योगी सूरजनाथ, योगी विलासनाथ, महन्त सुभाषगिरी, योगी ओमनाथ, योगी रामनाथ, योगी दीपकपुरी, विश्वतगिरी, पन्नानाथ, विमलगिरी, मदनदास, आकाशानन्द महाराज, बंशीलाल तंवर, श्रीभगवान अग्रवाल, ज्योतिषाचार्य पं. राजेन्द्र किराड़ू, कैलाश सोलंकी, सूरजप्रकाश राव, महेन्द्र किराडू, धमेन्द्र सारस्वत, यशविन्द्र चौधरी, चतरसिंह राजपुरोहित, नवरतन उपाध्याय, जेडी कुमावत, विजय थानवी, मिलन गहलोत, योगेश गहलोत, महेश सांखी, निर्मल शर्मा आदि उपस्थित रहे।
महामण्डलेश्वर सरजूदास महाराज ने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा 01 सितंबर 2025 के नोटिफिकेशन के माध्यम से गोचर भूमियों को बीकानेर विकास प्राधिकरण के नाम दर्ज किए जाने के आदेश पूरे प्रदेश के गौसेवकों व संत-समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले हैं। उन्होंने बताया कि आगामी मास्टर प्लान 2023-2043 में शरह नथानिया, सुजानदेसर, भीनासर और उदयरामसर सहित लगभग 40 हजार बीघा गोचर भूमि का उपयोग आवासीय व कॉमर्शियल श्रेणी में प्रस्तावित किया गया है, जो कानून के विपरीत है।


