





बीकानेर Abhayindia.com राजस्थान में खेजड़ी की कटाई पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाते हुए कानून बनाने की मांग को लेकर यहां बिश्नोई धर्मशाला में चल रहा महापड़ाव रविवार को सातवें दिन भी जारी रहा। आज भी महापड़ाव स्थल पर बड़ी संख्या में पर्यावरणप्रेमी जुटे। इस बीच, आंदोलन से जुड़े परसराम बिश्नोई ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि खेजड़ी की कटाई रोकने में सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।
बिश्नोई ने बताया कि आए दिन प्रदेश में खेजड़ी कटने की खबरें आ रही है। ऐसे में अब आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 11 से 17 फरवरी तक मुकाम में मेला भरेगा। इस बार पर्यावरणप्रेमी धोक मुकाम में लगाएंगे लेकिन बैठक बीकानेर में करेंगे। 17 फरवरी को बीकानेर में 5 लाख पर्यावरणप्रेमी क्रमिक अनशन पर बैठेंगे। वहीं, 11 फरवरी से मेला भी महापड़ाव स्थल पर ही भरेगा।
इधर, आंदोलन में शामिल संत समाज का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से वार्ता के लिए आज जयपुर रवाना हो गया है।
संत समाज का प्रतिनिधि मंडल
- मुक़ाम पीठाधीश्वर स्वामी रामानंद महाराज
2. महंत भगवानदास जाम्भा
3. महंत स्वामी भागीरथदास शास्त्री
4. महंत डॉ. स्वामी सच्चिदानंद आचार्य
5. संत राजेन्द्रानंद (राजूराम) जाजीवाल धोरा
6. स्वामी बलदेवानंद शास्त्री भोजासर
7. स्वामी रामाचार्य
8. श्रीमंहत शिवदास रुड़कली
9. स्वामी कृपाचार्य बणीधाम
10. स्वामी प्रेमदास समराथल
11. महंत मनोहरदास शास्त्री मेहराणा धोरा




