Friday, April 24, 2026
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हिस्ट्रीशीटर ने गुप्ता की तरह डागा से भी ठगी का बनाया था प्लान

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जयपुर/बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। जोधपुर सेन्ट्रल जेल में बंद पाली के हिस्ट्रीशीटर सुरेश घींचा ने बीकानेर के कोलायत विधायक भंवर सिंह भाटी की आवाज निकालकर खनन व्यापारी के. बी. गुप्ता की तरह बीकानेर डिस्ट्रिक्ट माइंस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय डागा से भी ठगी का प्रयास किया था, लेकिन वो इसमें सफल नहीं हो सका।

आरोपी ने डागा को एमएलए भाटी की आवाज निकालकर बुधवार सुबह साढ़े पंद्रह लाख रुपए मांगे थे। इसके लिए उसने एक बार नहीं, बल्कि दिन में कई मर्तबा फोन किए थे। विजय डागा ने संदेह होने पर सारी बात अपने बेटे को बताई। इस दरम्यान उनकी एमएलए भाटी से बात भी हो गई। इस तरह वे अपने साथ होने जा रही बड़ी ठगी से बच गए। आरोपी ने इससे पहले मंगलवार को ही खनन व्यापारी के. बी. गुप्ता से जयपुर के हॉस्पिटल में पैसों की जरूरत बताकर 15.5 लाख रुपए हड़प लिए।

पीडि़त व्यवसायी गुप्ता विधायक के दोस्त होते हुए भी बदमाश की आवाज पहचान नहीं पाए। गुप्ता ने विधायक की मेडिकल इमरजेंसी को देखते हुए जयपुर में परिचित व्यवसायी राजेश अग्रवाल को फोन कर पैसा दिलवा दिया। रात को के. बी. गुप्ता ने विधायक का हालचाल जानने के लिए कॉमन मित्र से बात कि तब इस ठगी का पता चला। इसके बाद पीडि़त राजेश अग्रवाल ने वीकेआई थाने पहुंचकर रिपोर्ट करवाई। विधायक भाटी ने भी गृहमंत्री, डीजीपी, कमिश्नर व डीसीपी से बात करके जल्द कार्रवाई की बात की।

पुलिस ने बदमाश के फोन की लोकेशन निकलवाई तो जोधपुर के रातानाड़ा एरिया की सामने आई। वीकेआई थानाधिकारी कैलाश जिंदल ने शक के आधार पर पाली के बदमाश सुरेश घींचा की जानकारी निकलवाई तो सामने आया कि वह जोधपुर सेन्ट्रल जेल में बंद है। उसके बाद पुलिस अधिकारियों ने जेल प्रशासन ने बात करके जेल में सर्चिंग करवाई तो फोन करने वाले नंबरो का सिमकार्ड व मोबाइल जेल परिसर से बरामद हो गया।

विधायक भंवर सिंह भाटी ने बताया कि इस बदमाश ने घटना के बाद बुधवार सुबह भी बीकानेर माइंस एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय डागा को मेरे नाम से फोन किया और हॉस्पिटल में पैसों की जरूरत बताकर 15 लाख मांगे थे। अध्यक्ष डागा ने ‘अभय इंडिया’ को बताया कि उनके पास जो फोन आया था उसमें आवाज हुबहू विधायक भाटी जैसी थी। मैंने उसे पैसे देने की हां भी भर ली, लेकिन इसके लिए उनसे आईडी मांगी तो वो उत्तेजित होने लगा। इससे मुझे संदेह हो गया।

इधर, पुलिस ने बताया कि बदमाशों ने वारदात के लिए ट्रूकॉलर का इस्तेमाल किया। के. बी. गुप्ता ने अलग फोन नंबर के बारे में पूछा तो आरोपी ने कहा कि दूसरा नंबर बंद है। के.बी. गुप्ता ने नंबर को ट्रू कॉलर पर देखा तो नाम भंवर सिंह और उनकी फोटो लगी आ रहा थी। डीसीपी अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि आरोपी इस तरह की 50 से ज्यादा वारदात कर चुका है। उसके खिलाफ 40 से ज्यादा ठगी के मुकदमे हैं।

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