









जयपुर Abhayindia.com पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज फिर भजनलाल सरकार पर हमला बोला है। गहलोत ने अजमेर दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश में जनता परेशान और दुखी है। कल्याणकारी योजनाओं को बंद करने के अलावा कुछ नहीं हो रहा। गहलोत ने कहा कि सरकार राज्य में नाम की चीज नहीं है। मैंने भरतपुर, जोधपुर, बीकानेर के दौरे किए हैं। सब जगह लोगों में सरकार के खिलाफ गुस्सा दिखा है।
उन्होंने कहा कि मैंने सीएम भजनलाल शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष से बातचीत की। उन्होंने नुकसान का सर्वे कराना बताया। यह सर्वे जल्दबाजी में हुआ यह गंभीरता से इसकी मॉनिटरिंग करनी चाहिए। भाजपा के कार्यकर्ता मेरा ही विरोध करने लगे, जबकि सरकार और बड़े नेता ही मौके पर नहीं पहुंचे। लिहाजा सरकार को राज्य में अतिवृष्टि से प्रभावित सभी क्षेत्रों को विशेष पैकेज देना चाहिए।
पूर्व सीएम ने गहलोत ने चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा-आरएएस किसको सीएम बनाती है, यह उनका निर्णय है। राज्य में वसुंधरा होती तो संघर्ष का मजा आता। मैं भजनलाल शर्मा का विरोध नहीं करता, पर उनके सलाहकार कौन हैं, उनको ढूंढने में जुटा हूं। वन स्टेट वन इलेक्शन के सवाल पर गहलोत ने कहा कि समय पर पंचायतीराज, स्थानीय निकाय, अथवा छात्रसंघ चुनाव नहीं कराना संविधान के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट-हाईकोर्ट तक टिप्पणी कर चुके हैं। फिर भी सरकार मानने को तैयार नहीं है। भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा सब बिगड़ गए हैं।
वोट चोरी अभियान पर गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी सबूतों के साथ वोट चोरी बता चुके है। चुनाव आयोग जांच करने के बजाय उनसे एफिडेविट मांग रहा है। कोई पत्र लिखो तो जवाब में आयोग की भाषा स्तरहीन होती है। आयोग को तो निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए।


