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शहर में बढ़ रही बिजली चोरी, 19 बिजली फीडऱों में 46 प्रतिशत से अधिक छीजत, कंपनी को हर साल 48 करोड़ का घाटा…

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बीकानेर Abhayindia.com शहरी क्षेत्र में बिजली चोरी थमने का नाम नहीं ले रही। बिजली चोर खुले तारों से धड़ल्ले से बिजली चोरी को अंजाम दे रहे हैं।

बिजली कंपनी बिजली चोरी रोकने के लिए भरसक प्रयास कर रही है, इसके बावजूद शहर के 19 बिजली फीडरों में 46 प्रतिशत से अधिक बिजली की छीजत हो गई है। लॉकडाउन के दौरान शहर में बिजली चोरी बढऩे पर बीकेईएसएल ने सतर्कता अभियान चलाया तो मई से अगस्त तक 666 जगह चोरी पकडी भी गई है।

बीकेईएसएल सबसे अधिक छीजत वाले फीडऱों पर पूरा ध्यान दे रही है यही वजह है कि मई से अगस्त तक 666 जगह चोरी पकडी जा सकी, ऐसे उपभोक्ताओं पर करीब 167 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। चोरी करते पकडे गए 666 लोगों में से 465 लागों ने 86 लाख रुपए जुर्माना राशि के रूप में जमा करा दिए। जिन लोगों ने जुर्माना राशि जमा नहीं कराई है, उनके खिलाफ बीकेईएसएल कानूनी कार्रवाई करने जा रही है।

साढ़े आठ सौ मामले बकाया…

उधर, विद्युत थाना बिजली चोरी के मामले दर्ज करने में ढिलाई बरत रहा है। बीते 16 माह में कम्पनी में बिजली चोरी के करीब साढ़े आठ सौ मामले बकाया चल रहे हैं। इन मामलों को लेकर बीकेईएसएल अग्रिम कार्रवाई की प्रक्रिया जल्दी ही शुरू करेगी। इन फीडरों में हो रही चोरी से कम्पनी को हर साल करीब 48 करोड़ का नुकसान हो रहा है।

46 प्रतिशत तक बिजली चोरी…

शहर के 178 फीडऱों में से 19 फीडऱोंं से जुड़े क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बिजली चोरी हो रही है। इन इलाकों में 32 से 78 प्रतिशत छीजत है जबकि वास्तविक तकनीकी व वितरण छीजत अधिकतम 12 प्रतिशत तक रहती है, 12 प्रतिशत के अलावा शेष छीजत चोरी में जा रही है।

चकरी वाले मीटरों से बिजली चोरी

शहर में लगे करीब 10500 मेकेनिकल (चकरी वाले) व स्टेटिक तकनीक वाले मीटर बीकेईएसएल के लिए मुसीबत बन गए है। कंपनी का दावा है कि उपभोक्ता इन मीटरों से भी धड़ल्ले से बिजली चोरी कर रहे हैं। पहले तो इन मीटरों में वास्तविक बिजली की खपत दर्ज नहीं होती है। इसके अलावा बड़ी तादाद में उपभोक्ता इन मीटरों की बजाय सीधे तार जोड़कर बिजली चोरी कर रहे हैं, जब बीकेईएसएल इन मीटरों को बदलने का प्रयास करती है तो लोग इसका विरोध करने लगते है।

 

इन इलाकों में सबसे अधिक चोरी…

कंपनी प्रतिनिधि के अनुसार कसाई बारी व खटीकों का मौहल्ला में 78 प्रतिशत, हनुमान हत्था, महरो का बास व रावतो का मौहल्ला में 58 , कुचलीपुरा, गेरसरियो का मौहल्ला, फड़ बाजार 58 ,बेलासर हाउस, किशन पैलेस, केसरिया हनुमान मंदिर, महाजन डेरा, गायत्री मंदिर आदि क्षेत्रों में 56, चौखूंटी, नायको का मौहल्ला, मौहल्ला व्यापारियान, दस नम्बर स्कूल गली,

सुभाष रोड व जिन्ना रोड 56 , भुट्टों की मस्जिद क्षेत्र 54, शेखों का मौहल्ला, नत्थू की टाल, सैयद चौक व हरिजन बस्ती क्षेत्र 44 , चाड़क भवन, उस्ता बारी, सुथरों की गवाड़, उस्तों का मौहल्ला, आचार्यों का चौक, वेदो का चौक  44 , बारह गुवाड़ चौक, नत्थूसर गेट, रत्तानी व्यासों का चौक 41प्रतिशत।

डागा चौक, बिन्नानी चौक, चूनगरों का मौहल्ला, जोशीवाड़ा 40, पंवारसर कुआं, केसरदेसर कुआं, अगुना चौक 40, हनुमान 38, रिडमलसर, 39, सिक्कों की मस्जिद क्षेत्र में 37, मूंधड़ों का चौक, दम्माणी चौक, कीकाणी व्यासों का चौक, साले की होली क्षेत्र में 36,  सर्वोदय बस्ती में 34, घड़सीसर में 33, चौतीना कुआं क्षेत्र में 32 प्रतिशत बिजली चोरी है।

क्या कहते है सीओओ…

शहर में कई जगह बिजली चोरी होने से कम्पनी की तकनीकी व वितरण छीजत व वित्तीय घाटा लगातार बढ़ रहा है। कम्पनी ने शहर में 178 फीडरों में से 19 फीडऱ चिन्हित किए हैं, जहां सबसे ज्यादा छीजत है। जहां बिजली चोरी हो रही है, वहां उसे रोकने के लिए प्रशासन की मदद के प्रयास किए जा रहे है। शहर में ऐसी कई जगह है जहां लोग सर्विस लाइन में कट लगाकर चोरी कर रहे हैं। चकरी वाले व स्टेटिक मीटर बदलने का विरोध हो रहा है जो उचित नहीं है।

-शांतनू भट्टाचार्य, सीओओ, बीकेईएसएल

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