






जयपुर Abhayindia.com राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में इस वर्ष 1 अप्रैल से शुरू हो रहे नवीन शिक्षा संत्र व अन्य बिंदुओं पर शिक्षकों का पक्ष समझने के लिए शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने शुक्रवार को शिक्षक संगठनों के प्रदेश प्रतिनिधियों से संवाद किया। सभी संगठन प्रतिनिधियों ने विभाग की ओर से चलाई जा रही गतिविधियों पर अपना पक्ष रखते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिए जिन पर विचार करने का शिक्षामंत्री ने आश्वासन दिया।
शिक्षा संकुल में आयोजित चर्चा बैठक शिक्षामंत्री ने सभी से प्रदेश की शैक्षिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपील करते हुए विद्यालय परिसरों को गंदगी, सिंगल यूज प्लास्टिक, गुटखा व तंबाकू आदि से मुक्त करने का आव्हान किया। बैठक में मुख्य रूप से 1 अप्रैल से नवीन सत्र के आरंभ, मेगा पीटीएम, प्रवेशोत्सव, पाठ्यपुस्तक व यूनिफॉर्म वितरण, शाला स्वास्थ्य परीक्षण अभियान और मई माह में प्रस्तावित प्रथम परख के संबंध में चर्चा की गई।
बैठक के प्रारंभ में शासन सचिव स्कूल शिक्षा कृष्ण कुणाल ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुपालना में प्रदेश में कई महत्वपूर्ण शिक्षण सुधार किए जा रहे हैं। इस वर्ष 1 अप्रैल को नवीन सत्रारम्भ के साथ ही सभी विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध करवा दी जाएंगी व निशुल्क यूनिफॉर्म की राशि प्रवेशोत्सव समाप्त होने के साथ ही विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से प्रदान कर दी जाएगी। सत्रारम्भ से पूर्व 25 मार्च को मेगा पीटीएम (अभिभावक शिक्षक बैठक) व पीएएम (अभिभावक आंगनबाड़ी बैठक) आयोजित की जाएंगी। अधिकाधिक बच्चों को विद्यालय तक पहुंचाने के लिए इस वर्ष प्रवेशोत्सव के तहत चार दिन का गहन अभियान चलाया जाएगा जिसमें शिक्षक व कर्मचारी एक-एक घर तक पहुंचेंगे और प्रवेश योग्य बच्चों को विद्यालय में प्रवेश के लिए प्रोत्साहित करेंगे। यह अभियान 27 मार्च और 6, 10 व 15 अप्रैल को चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष शिक्षण दिवसों की संख्या बढ़ाकर 214 कर दी गई है जिसके चलते ग्रीष्मावकाश 16 मई से 20 जून तक रहेगा।
निदेशक माध्यमिक व प्रारंभिक शिक्षा सीताराम जाट ने बताया कि सभी विद्यार्थियों को 1 अप्रैल को ही नवीन पाठ्यपुस्तकें मिल जाएं, इसके लिए 31 मार्च तक सभी विद्यालयों तक पुस्तकें पहुंचा दी जाएंगी। राजस्थान पाठ्यपुस्तक मंडल से पुस्तकों के वितरण का कार्य शुरू कर दिया गया है व वितरण की शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से मॉनिटरिंग व ट्रैकिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच व आवश्यक चिकित्सा के लिए शाला स्वास्थ्य परीक्षण अभियान की शुरूआत 16 अप्रैल से होगी। इस वर्ष निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी अभियान में शामिल किया जाएगा। उन्होंने विभाग की ओर से विद्यार्थी, शिक्षक व कर्मचारी हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर विभाग के विभिन्न अधिकारी व शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।


