






बीकानेर Abhayindia.com देशभर में बड़ी संख्या में विभिन्न तरीकों से साइबर धोखाधड़ी की जा रही है। इससे निपटने के लिए पुलिस मुख्यालय साइबर क्राइम, राजस्थान द्वारा चलाये जा रहे साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत महानिरीक्षक पुलिस हेमंत शर्मा व जिला पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर के निर्देशन तथा अति. पुलिस अधीक्षक (शहर) चक्रवती सिंह राठौड़ के सुपरविजन एवं रमेश सर्वटा, पुलिस निरीक्षक, साइबर थाना के नेतृत्व में निरन्तर साइबर जनजागृति अभियान चलाया जा रहा है। इसी को आगे विस्तार देते हुई नया प्रयोग किया जा रहा है। बीकानेर में डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और आमजन को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति सशक्त बनाने के उद्देश्य से बीकानेर पुलिस द्वारा एक अभिनव पहल की जा रही है। अभय कमांड सेंटर में ‘साइबर वॉरियर ट्रेनिंग सेंटर’ की स्थापना की जा रही है।
इस अवसर पर आज जिला पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) किरण गोदारा व अति. पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) बनवारी लाल मीणा द्वारा साइबर वॉरियर ट्रेनिंग सेंटर के पोस्टर का विमोचन किया गया एवं शीघ्र ही इस केंद्र की शुरुआत की जाएगी। इस केंद्र का मुख्य ध्येय बीकानेर जिले को एक सुरक्षित डिजिटल इकोसिस्टम के रूप में विकसित करना है।
अभियान के मुख्य उद्देश्य : 'रोकथाम ही सर्वोत्तम उपचार'
इस ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से साइबर सुरक्षा की जानकारी को केवल थानों तक सीमित न रखकर जन-जन तक पहुँचाया
जाएगा। इसके प्रमुख लक्ष्य निम्नलिखित हैं…
साइबर वॉरियर्स का निर्माण : समाज के विभिन्न वर्गों (शिक्षक, एनजीओ, सामाजिक कार्यकर्ता) से सक्रिय लोगों को चुनकर उन्हें तकनीकी रूप से ‘साइबर वॉरियर’ बनाया जाएगा।
प्रशिक्षण की श्रृंखला : एक प्रशिक्षित व्यक्ति अन्य कई लोगों को शिक्षित करेगा, जिससे जागरूकता की एक अटूट कड़ी बनेगी।
शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा : शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे विद्यार्थियों को साइबर बुलिंग और ऑनलाइन खतरों से बचा सकें।
त्वरित प्रतिक्रिया (1930) : अपराध होने पर घबराने के बजाय तत्काल हेल्पलाइन 1930 और साइबर पोर्टल का उपयोग सिखाना।
इस केंद्र की स्थापना से बीकानेर के नागरिकों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे
1. वित्तीय सुरक्षा : जागरूक नागरिक ‘गोल्डन आवर्स’ में अपना पैसा होल्ड कराने की प्रक्रिया जान सकेंगे।
2. भयमुक्त इंटरनेट : गृहिणियां, बुजुर्ग और बच्चे बिना किसी डर के ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे।
3. सामुदायिक पुलिसिंग : हर गांव और मोहल्ले में एक ऐसा विशेषज्ञ (साइबर वॉरियर्स) मौजूद होगा जो साइबर
मामलों में सलाह दे सकेगा।
4. सुरक्षा कवच : साइबर वॉरियर्स माताएं और बहनें न केवल खुद को डिजिटल ठगी से बचाएंगी, बल्कि पूरे परिवार की सुरक्षा का कवच बनेंगी।
5. सटीक रिपोर्टिंग : लोग जानेंगे कि कौन-कौन से साक्ष्य पुलिस को दिय जाने हैं व उनको कैसे जुटाने हैं, जिससे अपराधियों को पकड़ने में पुलिस को आसानी होगी।
ऐसे काम करेगा ट्रेनिंग सेंटर
प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूर्णतः व्यावहारिक और आधुनिक बनाया गया है। साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों की जानकारी पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन, ऑडियो-विडियो, एनिमेशन एवं प्रश्नोतरी के माध्यम से साइबर वॉरियर्स को उपलब्ध कराई जाएगी पीपीटी की सॉफ्ट कॉपी भी उन्हें प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वह अपने क्षेत्र में इसका प्रभावी प्रसार-प्रचार कर सके।
सुरक्षा सेटिंग्स : प्रशिक्षण के दौरान विभिन पोर्टल / एप्प के लाइव प्रदर्शन कर सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग्स
(जैसे टू-स्टेप वेरिफिकेशन) सिखाई जाएगी।
संसाधन वितरण : साइबर वॉरियर्स को पंपलेट, वीडियो और प्रेजेंटेशन दी जाएगी ताकि वे आगे प्रचार कर सकें।
निरंतर अपडेट व मॉनिटरिंग : भविष्य के नए साइबर खतरों के लिए डिजिटल माध्यम से अपडेट रखा जाएगा। बेहतर कार्य करने वाले साइबर वॉरियर्स को पुरस्कृत व प्रोत्साहित भी किया जाएगा।
साइबर वॉरियर बेच : प्रशिक्षण पूरा करने वाले साइबर वॉरियर्स को एक साइबर वॉरियर बेंच प्रदान किया जायेगा
आंगनबाड़ी से जुड़ाव : आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा सहयोगिनियों को भी प्रशिक्षण दिया जायेगा जिससे की इस अभियान की ग्रामीण क्षेत्रों तक पकड़ मजबूत होगी। बीकानेर पुलिस की इस पहल से न केवल साइबर अपराधों की दर में कमी आएगी, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता भी और मजबूत होगा।


