









जयपुर Abhayindia.com प्रदेश की भजनलाल सरकार ने भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए राज्य सेवा के अधिकारियों के विरूद्ध 4 प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति दी है। वहीं, भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन अधिनियम, 2018) के तहत दोष सिद्वि के एक प्रकरण में आरोपित अधिकारी को सेवा से पदच्युत करने का भी अनुमोदन किया है। मुख्यमंत्री ने जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ रसायनज्ञ को पेयजल के नमूनों की गुणवत्ता जांच में फर्जी रिपोर्ट तैयार करने के अपराध में सेवा से हटाने का निर्णय लिया है। साथ ही, एक अन्य प्रकरण में दोषी अधिकारी को भी अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी है।
उन्होंने सेवानिवृत्त अधिकारियों के विरूद्ध संचालित 14 जांच प्रकरणों में पेंशन रोकने तथा 2 सेवारत अधिकारियों के विरूद्ध 16 सी.सी.ए. की जांच कार्यवाही में वार्षिक वेतन वृद्धियां रोकने का निर्णय लिया है। इसी प्रकार सी.सी.ए. नियम 23 एवं 34 के तहत प्रस्तुत अपील एवं रिव्यू याचिका के 7 प्रकरणों को खारिज करते हुए पूर्व में दिए गए दण्ड को यथावत रखा है। वहीं, विभागीय जांच के 3 प्रकरणों में आरोप प्रमाणित नहीं होेने के आधार पर दोषमुक्ति का भी अनुमोदन किया है।


