Friday, May 15, 2026
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कांग्रेस के पूर्व मंत्री की बढ़ी मुश्किलें, बतौर आरोपी चलेगा केस

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नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री शशि थरूर की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती है। सुनंदा पुष्कर की मौत मामले में दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में शशि आरोपी बनाए गए हैं। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान शशि थरूर को सात जुलाई को पेश होने का आदेश दिया है। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में सुनंदा पुष्कर के पति शशि थरूर को खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोपी माना है।

Sashi-Sunanda file photo
Sunanda file photo

बता दें कि मंगलवार को पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट पर संज्ञान लिया और कोर्ट ने शशि थरूर को 306 आईपीसी के तहत आरोपी माना। इस मामले की अगली सुनवाई सात जुलाई को है। इस दिन शशि थरूर को आरोपी मानते हुए समन भेजा गया है और पेश होने के लिए कहा है।

गौरतलब है कि बीते माह बहुचर्चित सुनंदा पुष्कर मौत मामले में सवा चार साल बाद विशेष जांच दल (एसआइटी) ने पटियाला हाउस कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। इस चार्जशीट में सुनंदा के पति व पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की भूमिका को संदिग्ध माना था। तकरीबन 4 साल बाद दिल्ली पुलिस ने सुनंदा पुष्कर मामले में कोर्ट में 3000 पेज की चार्जशीट पेश की थी। चार्जशीट में आईपीसी की धारा 306 यानी आत्महत्या के लिए उकसाने और वैवाहिक जीवन में प्रताडि़त करने के की बात कही गई है।

Sashi-Sunanda file photo
Sashi-Sunanda file photo

पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर की पत्नी सुनंदा की 17 जनवरी 2014 को चाणक्यपुरी स्थित पांच सितारा होटल लीला पैलेस के सुइट नंबर 345 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मौत को पहले आत्महत्या बताया गया था, लेकिन एक साल बाद विसरा रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले की जांच के लिए एसआइटी बनाई गई, लेकिन सवा चार साल बाद भी न तो केस सुलझ सका और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई।

बता दें कि एम्स के मेडिकल बोर्ड ने सुनंदा के शव का पोस्टमार्टम किया था। 29 सितंबर 2014 को मेडिकल बोर्ड ने दिल्ली पुलिस को रिपोर्ट सौंप दी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि सुनंदा की मौत जहर से हुई है। बोर्ड ने कहा था कि कई ऐसे रसायन हैं जो पेट में जाने या खून में मिलने के बाद जहर बन जाते हैं। लिहाजा बाद में उनके वास्तविक रूप के बारे में पता लगाना बहुत मुश्किल होता है।

इस रिपोर्ट के बाद 1 जनवरी, 2015 को सरोजनी नगर थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। इसके बाद सुनंदा के विसरा को जांच के लिए फोरेंसिक ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआइ), अमेरिका की लैब में भेज दिया गया था, लेकिन वहां की लैब में भी जहर के बारे में पता नहीं लग सका।

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