Saturday, April 25, 2026
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कांग्रेस प्रदेशाध्‍यक्ष डोटासरा के विवादित बयान पर हमलावर हुई भाजपा, बयानों के छोड़े जा रहे बाण

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जयपुर Abhayindia.com अपने बयानों को लेकर अक्‍सर सुर्खियों में रहने वाले राजस्‍थान कांग्रेस के प्रदेशाध्‍यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ भाजपा नेताओं ने बयानों के बाण छोड़ने शुरू कर दिए है। असल में डोटासरा के एक ताजा बयान ने सियासी गर्मी बढा दी है। डोटासरा ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जासूसी कैमरों के जरिए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी अपने रेस्ट रूम में हमारी महिला विधायकों को देखते हैं। इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने भी जवाबी हमला बोल दिया है।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के शर्मनाक बयान से उनकी संकीर्ण और महिलाओं के प्रति ओछी मानसिकता साफ झलकती है। पिछली विधानसभा में भी कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने यह कहकर कि ‘यह तो मर्दों का प्रदेश है’ महिलाओं का अपमान किया था। आज फिर उसी विकृत सोच की झलक देखने को मिल रही है। जिन वरिष्ठ राजनीतिज्ञों ने अपना संपूर्ण जीवन राजनीति और समाज सेवा को समर्पित किया है। उन पर निराधार और अपमानजनक आरोप लगाना बेहद शर्मनाक है। इससे कांग्रेस की हताशा और गिरी हुई राजनीति का स्तर साफ दिखाई देता है।

इसी तरह नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने भी डोटासरा पर जुबानी हमला बोला है। खर्रा ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा इतने कुंठित हो गए हैं कि उन्हें उचित-अनुचित का भी भान नहीं है। डोटासरा भूल गए हैं कि उन्होंने एक बार बयान दिया था कि जिन विद्यालयों में महिला शिक्षिकाएं कार्यरत होती हैं, वहां उनके आपसी झगड़े के कारण प्रधानाचार्य को सिरदर्द की दवा लेनी पड़ती है।

गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष पर जो टिप्पणी की उस पर उन्हें जनता के बीच एक बार पहले भी शर्मसार होना पड़ा। अब फिर से वैसे ही काम कर रहे हैं। विधानसभा से संबंधित विषय पर कोई भी निर्णय लेना विधानसभा अध्यक्ष का क्षेत्राधिकार है।

आपको बता दें कि कांग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष डोटासरा ने शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से कहा कि कैमरों के जरिए वे देखते हैं कि हमारी महिला विधायक किस दिशा में बैठी है, कैसी अवस्था में बैठी हैं, क्या बातें कर रही हैं? हम दो-तीन लोगों पर तो नजर रखते ही हैं, लेकिन महिलाओं पर ज्यादा फोकस है। स्पीकर जैसे संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति हमारे प्रतिपक्ष की बहनों पर कैमरा लगाकर उसका एक्सेस अपने पास रखते है।

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