







बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर नगर निगम चुनाव-2026 के नतीजों ने सबको चौंका दिया है। भाजपा ने भले ही बहुमत का दावा किया हो, लेकिन पार्टी के कई बड़े और कद्दावर नेताओं को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है। हठधर्मिता और टिकट बंटवारे में गड़बड़ी भाजपा को भारी पड़ गई।
भाजपा के वो बड़े चेहरे जो चुनाव हार गए
1. निवर्तमान महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित की हार भाजपा के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हुई है। शहर की पहली नागरिक और निवर्तमान महापौर ही अपना वार्ड नहीं बचा पाईं।
2. शहर संगठन की पूरी टीम ढेर
- शहर भाजपा अध्यक्ष सुमन छाजेड़ के वार्ड में भाजपा की हार, जिला उपाध्यक्ष सरिता नाहटा हारीं।
- भाजपा कोषाध्यक्ष गोपाल अग्रवाल की हार।
- उपाध्यक्ष दीपक पारीक की हार।
- उपाध्यक्ष किशन चौधरी की हार।
- उपाध्यक्ष अशोक प्रजापत की हार।
3. मंडल अध्यक्षों का सूपड़ा साफ
- जस्सूसर मंडल के पूर्व अध्यक्ष मुकेश ओझा की हार।
- नया शहर मंडल अध्यक्ष विशाल गोलछा की हार।
- मुक्ताप्रसाद नगर मंडल अध्यक्ष कपिल शर्मा की माता संतोष शर्मा की हार।
- शिवबाड़ी मंडल अध्यक्ष नरेंद्र सिंह की हार।
4. वरिष्ठ नेताओं के परिवार भी हारे
- वरिष्ठ नेता मोहन सुराणा की पत्नी मधु सुराणा की हार।
- उपमहापौर राजेंद्र पंवार की रिश्तेदार कृष्णा की हार।
- युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष व जिला उपाध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा की हार।
- वरिष्ठ नेता डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य के भतीजे अरविंद किशोर आचार्य हारे।
क्यों हुई भाजपा के दिग्गजों की हार?
सियासी पंडितों का मानना है कि इस हार के पीछे भाजपा की हठधर्मिता सबसे बड़ा कारण है। टिकट बंटवारे में कार्यकर्ताओं की अनदेखी, बागियों को मनाने में नाकामी और स्थानीय विरोध को हल्के में लेना पार्टी को भारी पड़ गया। निवर्तमान महापौर और शहर अध्यक्ष के वार्ड में हार ने साफ कर दिया कि पार्टी में आपसी खींचतान किस कदर थी। -मुकेश पूनिया, वरिष्ठ पत्रकार, बीकानेर







