Thursday, December 11, 2025
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साहित्य के एनसाइक्लोपीडिया कहे जाने वाले भवानी शंकर व्यास ‘विनोद’ नहीं रहे, साहित्‍य जगत में शोक की लहर

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बीकानेर Abhayindia.com साहित्य के एनसाइक्लोपीडिया कहे जाने वाले भवानी शंकर व्यास ‘विनोद’ का आज उदयपुर में निधन हो गया। कल जोधपुर में उनका अंतिम संस्‍कार किया जाएगा। उनका निधन एक युग के समाप्त होने जैसा है। उनके निधन से साहित्‍य जगत में शोक छा गया है। भवानी शंकर व्यास ‘विनोद’ जन्म 11 अगस्त 1935 को हुआ। ‘विनोद’ उनका उपनाम है। वे दशकों तक काव्‍य गोष्ठियों की शान रहे। जीवन के हर क्षेत्र में उनके अनुशासन की मिसाल दी जाती है। वे राजस्थान शिक्षा विभाग की ‘शिविरा’ (मासिक), ‘नया शिक्षक’ (त्रैमासिक) के वर्षों तक संपादक रहे। राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय कवि सम्मेलनों में उनकी भागीदारी और संचालन के सभी कायल रहे।

‘विनोद’ की प्रमुख कृतियाँ

मोती मांयली पीड़ (राजस्थानी कविता संग्रह) सूरज की साक्षी में, हास्यमेव जयते, मुख में राम (हिंदी कविता संग्रह), राजस्थानी में- काव्य-संग्रह : मोती मांयली पीड़ ; आलोचना : सिरजण, परख अर दिसाबोध ; अनुवाद: एक दूली रो घर (ए डॉल्स हाउस हेनरिक इब्सन का नाटक) ; मोनोग्राफ : भारतीय साहित्य रा निरमाता मुरलीधर व्यास ‘राजस्थानी’, भीम पांडिया (साहित्य अकादेमी, दिल्ली)। हिंदी काव्य संग्रह : सूरज की साक्षी में, हास्यमेव जयते, मुख में राम और चार चिंतन की पुस्तकें : मानवता का मंगल मार्ग, गांधी : आधुनिक परिप्रेक्ष्य में। शिक्षा साहित्य : शताब्दी का शैक्षिक सोच ; व्यंग्य-संग्रह : तलाश जारी है चरणदास की ; बाल साहित्य : शताब्दियों के संत, मानस महर्षि तुलसीदास आदि। क्षण जो शिल्पी हैं (हिंदी विविधा, शिक्षा विभाग राजस्थान द्वारा प्रकाशित) शिविरा (मासिक) और नया शिक्षक (त्रैमासिक) का वर्षों तक संपादन।

पुरस्कार और मान-सम्मान : प्रदीप कुमार रामपुरिया स्मृति साहित्य पुरस्कार ; मैथिलीशरण गुप्त पुरस्कार (नगर विकास न्यास, बीकानेर), गणेशीलाल व्यास उस्ताद पुरस्कार (राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर) विशिष्ट साहित्यकार पुरस्कार (राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर), राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान/पुरस्कार (राजस्थान सरकार) साहित्यश्री सम्मान (राष्ट्र भाषा हिन्दी प्रचार समिति, श्रीडूंगरगढ़), पंडित विद्याधर शास्त्री अवार्ड केन्द्रीय साहित्य अकादेमी री जनरल कौंसिल की सदस्यता (2008-2012)।
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