








बीकानेर Abhayindia.com विश्व बाल मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता दिवस पर जस्सूसर गेट के बाहर स्थित डॉ. श्याम अग्रवाल चिल्ड्रन & जनरल हॉस्पिटल के ‘ग्रोथ गेट चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर’ में जागरूकता कार्यशाला हुई।
कार्यशाला में वरिष्ठ शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम अग्रवाल ने कहा कि किशोरों में डिप्रेशन, एंग्जायटी, नशा, आत्महत्या की सोच और डिजिटल एडिक्शन तेजी से बढ़ रहा है। मोबाइल में कैद, मन से अकेला बच्चा खोई हुई पीढ़ी बन सकता है। उन्होंने पेरेंट्स के लिए कहा कि रोज 15 मिनट बच्चे को सुनें, स्क्रीन टाइम की जगह ग्रीन टाइम दें। उनमें चिड़चिड़ापन, नींद न आना, अकेलापन पर तुरंत ध्यान दें। मन के बुखार के लिए भी डॉक्टर के पास जाएँ।
सेंटर डायरेक्टर कुशल कटारा व टीम ने बताया कि यहाँ हर हफ्ते चाइल्ड गाइडेंस क्लिनिक चलती है। CBT, प्ले थेरेपी, पेरेंट काउंसलिंग से बच्चों को तनाव और मोबाइल की लत से बाहर निकाला जाता है। दवा से पहले बात से इलाज हमारा मंत्र है। वरिष्ठ पत्रकार शिव कुमार सोनी ने मानसिक रोग को ‘पागलपन’ न कहने की अपील की। अस्पताल के पैरामेडिकल स्टाफ ने मानसिक रूप से परेशान बच्चों के लिए सुरक्षित, प्यार भरा माहौल बनाने की शपथ ली।


