






बीकानेर Abhayindia.com शिक्षा निदेशालय में अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी नवरतन जोशी के साथ निदेशालय परिसर में मारपीट करने वाले सहायक प्रशासनिक अधिकारी सिद्धार्थ रिणवा के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाने तथा तत्काल निलम्बित करने एवं चंदा इकट्ठा करने वाले कार्मिकों/अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने के सम्बन्ध में बुधवार को शिक्षा निदेशक की अनुपस्थिति में स्टाफ ऑफिसर अशोक शर्मा को ज्ञापन देकर वार्ता की गई। इस दौरान निदेशालय में संगठन के पदाधिकारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए नारेबाजी की।
शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अर्जुनराम मेघवाल केन्द्रीय कानून मंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव, शिक्षा निदेशक, जेठानन्द व्यास विधायक पश्चिम, सुश्री सिद्धी कुमारी विधायक पूर्व बीकानेर, संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिदेशक आयुक्तालय जयपुर, थानाअधिकारी, बीछवाल को ईमेल के द्वारा पत्र भेजकर लिखा है कि शिक्षा निदेशालय में 15-20 कार्मिकों द्वारा 50वीं मंत्रालयिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर फर्जी तरीके से शिक्षा निदेशालय के नाम की रसीद काटकर एवं ऑनलाईन और कुछ मौखिक रूप से चंदा इकट्ठा किया गया था। जिसका प्रमाण निदेशक को कई बाद दिया गया एवं उस पर कार्यवाही करने के लिए लिखा गया था लेकिन, उन लोगों के खिलाफ निदेशक कार्यालय में कुछ अधिकारियों की मिलीभगती होने के कारण से कार्यवाही नहीं की जा रही है।
आचार्य ने पत्र में बताया कि वाट्सअप ग्रुपों में चंदों से सम्बन्धित लिखने का आदान-प्रदान चलता रहता है। चंदे से सम्बन्धित एवं फर्जी रसीदों से सम्बन्धित कार्यवाही प्रशासन के स्तर पर नहीं होने के कारण से इन 15-20 कार्मिकों का इतना हौसला बुलन्द है कि आज सुबह-सुबह ही निदेशालय माध्यमिक में कार्यरत एक कार्मिक सिद्धार्थ रिणवा सहायक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा समाज शिक्षा अनुभाग में जाकर निदेशालय के नवरतन जोशी अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी के साथ मारपीट की गई। जिससे अनुभाग में भय का माहौल भी व्याप्त हो गया और अनुभाग के महिला कार्मिकों और अन्य के समक्ष हुई इस घटना से पूरा निदेशालय परिवार हतप्रभ हो गया है। उपरोक्त घटना की बीछवाल थाने में एफआईआर उपरोक्त अधिकारी जोशी द्वारा दर्ज भी करवाई जा चुकी है।
आचार्य ने पत्र में यह भी लिखा गया है कि प्रदेश मुख्यालय पर एक जूनियर द्वारा सीनियर मंत्रालयिक अधिकारी पर अप्रत्याशित हमला बड़ा निन्दनीय है तथा शिक्षा निदेशालय की छवि को धूमिल करने वाला है। संगठन के द्वारा निदेशक से मांग की जाती है कि शिक्षा निदेशालय के नाम की फर्जी रसीद काटने वाले एवं चंदा इकट्ठा करने वाले व मारपीट हमला करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाए।


