Wednesday, May 13, 2026
Hometrendingअस्पतालों में सभी प्रोटोकॉल्स की होगी सख्ती से पालना, लापरवाही पर संस्थान...

अस्पतालों में सभी प्रोटोकॉल्स की होगी सख्ती से पालना, लापरवाही पर संस्थान प्रभारी और यूनिट हेड होंगे जिम्मेदार

AdAdAdAdAdAdAdAdAd

जयपुर Abhayindia.com प्रदेश के सभी अस्पतालों में इरमजेंसी, ओपरेशन थियेटर, आईसीयू सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना सुनिश्चित करवाई जाएगी। इस संबंध में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि ड्यूटी टाइम में सीनियर डॉक्टर्स सहित पूरा स्टाफ कार्यालय में उपस्थित रहे और अपनी जिम्मेदारियों का पूरी तत्परता एवं निष्ठा के साथ पालना करें, अन्यथा सेवा नियमों के अनुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने शनिवार को शासन सचिवालय स्थित अपने कक्ष में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोटा में प्रसूताओं की मौत एवं स्वास्थ्य बिगड़ने की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। प्रकरण में हर पहलू पर निष्पक्ष एवं गहन जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए चिकित्सकों एवं नर्सिंग कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि  कहीं भी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हुई तो संस्थान प्रभारी एवं यूनिट हेड इसके लिए उत्तरदायी होंगे।

राठौड़ ने कहा कि सभी अस्पताल प्रभारी आपातकालीन इकाई, आईसीयू एवं ओपरेशन थियेरटर की व्यवस्थाओं की गहन जांच करें। यह सुनिश्चित करें कि इन इकाइयों में नियमित रूप से स्टरलाइजेशन हो, ताकि संक्रमण फैलने की आशंका नहीं रहे। उपचार में काम लिए जाने वाले उपकरणों एवं मशीनों का भी प्रोटोकॉल के अनुरूप स्टरलाइजेशन हो। अस्पताल प्रभारी एवं यूनिट हेड नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें कि अस्पताल में उपचार के सभी प्रोटोकॉल पूरे किए जा रहे हैं या नहीं।

प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि राज्य स्तर से भी समय-समय पर टीमें भेजकर प्रदेश के सभी अस्पतालों में प्रोटोकॉल्स की पालना की मॉनिटरिंग की जाए। जहां भी कमी सामने आए, तत्काल एक्शन लिया जाए। जहां सुधार की आवश्यकता हो, वहां तत्काल सुधार की कार्यवाही की जाए। तात्कालिक आवश्यकताओं के लिए आरएमआरएस के फण्ड का भी उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आपूर्तित दवाओं के भण्डारण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। दवाओं के भण्डार के लिए निर्धारित मानकों की पालना सुनिश्चित की जाए।

राठौड़ ने कहा कि अस्पतालों में चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी रजिस्टर का समुचित तरीके से संधारण हो। यह सुनिश्चित हो कि सभी कार्मिक समय पर उपस्थित हों और पूरे समय अस्पताल में उपस्थित रहें। ओपरेशन थियेटर, आईसीयू, आपातकालीन इकाई सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर सीनियर डॉक्टर आवश्यक रूप से उपस्थित रहें। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा आयुक्त एवं निदेशक जनस्वास्थ्य को निर्देश दिए कि अस्पतालों में सभी प्रोटोकॉल की पालना के लिए पुन: गाइडलाइन जारी करें।

बैठक में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल, आरएमएससीएल के प्रबंध निदेशक पुखराज सेन, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला, राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. निधि पटेल, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, आरएमएससीएल के विशेषाधिकारी जय सिंह, औषधि नियंत्रक अजय फाटक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। 

- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!