






बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर जिले में खेजड़ी की कटाई के विरोध में अब आमजन एकजुट होकर संघर्ष के लिए तैयार हो रहे हैं। आगामी दो फरवरी को अनिश्चितकालीन धरने से पहले पांच जनवरी को पूरे प्रदेश में हर तहसील और जिला मुख्यालय पर ज्ञापन दिए जाएंगे। जोधपुर से आए परताराम विश्नोई ने सर्किट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि सरकार प्रकृति को नुकसान पहुंचा रही है। अरावली पर्वतमाला को नष्ट करने के प्रयास हो रहे हैं। सोलर कंपनियों के माध्यम से राजस्थान को वृक्ष विहीन बनाने की योजनाएं चल रही है जो बिश्नोई समाज को कतई मंजूर नहीं है।
उन्होंने बताया कि सोमवार को पूरे प्रदेश में हर तहसील और जिला मुख्यालय पर ज्ञापन दिया जाएगा। इसके बाद 7 जनवरी को साधु संतों के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में जन जागरण अभियान चलाया जाएगा। जिसमें पर्यावरण प्रेमी व संत समाज गांव गांव जनसंपर्क कर प्रदेश के सभी धर्मों के लोगों को एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने की अपील करेंगे। स्वामी भगवान दास शास्त्री ने कहा कि राजस्थान में अंधाधुंध हो रही पेड़ों की कटाई, प्रकृति विनाश, अरावली संरक्षण और पेड़ सुरक्षा कानून बनाने की मांग आंदोलन के जरिए की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जब तक पेड़ सुरक्षा कानून बनाकर खेजड़ी की कटाई पर पूर्णतया प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा तब तक महापड़ाव जारी रहेगा। उसके बाद भी सरकार नहीं मानेगी तो आगे की रणनीति बनाई जायेगी। स्वामी रामपाल ने सबको एकजुट रहकर खेजड़ी के लिए आर पार की लड़ाई लडऩे का संकल्प दिलाया। प्रेस वार्ता में रामगोपाल बिश्नोई, सुभाष भांभू खारा, रिछपाल फौजी, विजयपाल डेलू, रामनिवास पूनिया, सहीराम पूनिया, ओपी खीचड़, हनुमानराम बेनीबाल, महीराम दिलोइया, शिव खिचड़, सुभाष धायल, अशोक गोदारा कानासर, राजेश गोदारा कानासर, भोमाराम भादू ने आंदोलन को सफल बनाने में तन-मन-धन से समर्पित होने का आव्हान किया।


