






बीकानेर Abhayindia.com राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष में बजरंग नगर की मुरलीधर विस्तार बस्ती के सामुदायिक भवन में विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राष्ट्र स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार और शिवबाड़ी के महंत स्वामी विमर्शानंद और भास्करनाथ रहे। कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। कार्यक्रम में गणेश वंदना पर नृत्य का आयोजन हुआ। स्कूल के छात्रों द्वारा श्री गीता जी के 15वें अध्याय का वचन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्वागत गीत पर बालिकाओं द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम शास्त्रीय नृत्य कत्थक का मंचन ज्योति द्वारा किया गया और शास्त्रीय गायक नारायण रंगा द्वारा शास्त्रीय गायन करके सभी को स मोहित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता इंद्रेश कुमार ने अपने उद्बोधन में प्रेम और मुस्कुराहट को जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया और गुस्सा और कड़वाहट को जीवन से त्याग देने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि सनातन कहता है कि आचरण अच्छा होगा तो तरक्की और विकास होगा इसलिए हमें अपने चरित्र और आचरण को पवित्र रखना होगा। उन्होंने कहा कि संघ संस्कार देता है इसलिए घर घर से बच्चों को संघ से जोड़ें और उन्हें संस्कारित बनाएं यही लक्ष्य होना चाहिए। जननी और जन्मभूमि सदैव पूजनीय है और इन्हीं से अपनी पहचान है।
सम्मेलन में भास्करनाथ ने अपने उद्बोधन में बताया कि गाय माता और तुलसी माता जिनमें समस्त देवों का वास होता है उनके संरक्षण और आशीर्वाद से जीवन सफल होता है। शिवबाड़ी के महंत विमर्शानंद ने अपने आशीर्वचन में कहा कि हम सदैव विश्व गुरु थे और रहेंगे और कहा कि जो सदाचारी है, सद्चरित्र है वो हिंदू है। सांस्कृतिक कार्यक्रम के क्रम में अलगोजा वादक मनोज प्रजापत ने अलगोजा बजा कर सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में मुरलीधर व्यास नगर के स्वच्छता सेनानियों का मंच से अतिथियों द्वारा शाल ओढ़ा कर स मान किया गया। मातृ शक्ति की तरफ से डॉ राधा सोलंकी ने नारी शक्ति और कुटुंब प्रबोधन पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में सह संयोजक डॉ शिवकुमार ने सभी अतिथिगणों और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया।


