Friday, April 24, 2026
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पूनरासर मंदिर के जीर्णोंद्धार के लिए हुआ भव्‍य कार्यशाला का आयोजन, विधायक ने किया शिला पूजन

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बीकानेर Abhayindia.com चैत्र शुक्ल द्वितीया विक्रम संवत 2083 को पूनरासर मंदिर श्री डूंगरगढ़ (बीकानेर) में श्री पूनरासर हनुमान जी ट्रस्ट पूनरासर (कोलकाता) के तत्वावधान में मंदिर जीर्णोद्धार के लिए एक भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ एवं मंदिर निर्माण के लिए शिला पूजन श्रीडूंगरगढ़ के विधायक ताराचंद सारस्वत द्वारा विधिवत रूप से संपन्न किया गया। अपने उद्बोधन में विधायक सारस्वत ने कहा कि पूनरासर का भव्य मंदिर श्री पूनरासर हनुमान जी ट्रस्ट पूनरासर (कोलकाता) के तत्वाधीन में ग्रामवासियों एवं समस्त श्रद्धालुओं के सामूहिक सहयोग से निर्मित होगा। उन्होंने भाव व्यक्त किया कि मंदिर का निर्माण तो स्वयं बालाजी की प्रेरणा से ही होगा हम सभी तो मात्र निमित्त हैं।

उन्होंने बताया कि पुनरासर एक समृद्ध गांव है और मंदिर के जीर्णोद्धार से यहां की समृद्धि में और अधिक वृद्धि होगी। कार्यक्रम के दौरान पूनरासर हनुमान जी ट्रस्ट के ट्रस्टी मोटूलाल हर्ष, बजरंग लाल जी पारीक, सम्पत पारीक, ट्रस्ट के विशेष कार्यकर्ता तुलसीदास पुरोहित, राजेश लदरेचा, डॉ. गिरिराज हर्ष, सुभाष आचार्य द्वारा मुख्य अतिथि विधायक ताराचंद सारस्वत, पूनरासर के सरपंच माननाथ, सिद्ध मंदिर के पुजारी डालचन्द, बिमलचंद बोथरा, शिल्पकार नरेंद्र सोनगरा, भाजपा देहात जिला उपाध्यक्ष हेमनाथ जाखड़, महंत प्रेमनाथ, समाजसेवी गोपाल राठी तथा सेरुणा थाना प्रभारी संध्या विश्नोई का शॉल, साफा एवं दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया।

मुख्य वक्ता के रूप में जगदीश पारीक ने कहा कि पूनरासर ग्राम मंदिर निर्माण कार्य में सदैव सहयोगी रहेगा। ट्रस्ट की ओर से डॉ. गिरिराज हर्ष ने ग्रामवासियों से आग्रह किया कि जैसे भगवान हनुमान जी ने समुद्र को एक ही संकल्प में पार किया उसी प्रकार यह निर्माण कार्य भी निरंतर और बिना किसी अवरोध के पूर्ण किया जाए ताकि आगामी विक्रम संवत 2084 की प्रतिपदा को नव-निर्मित मंदिर का भव्य उद्घाटन किया जा सके। इस अवसर पर तुलसीदास पुरोहित, सुभाष आचार्य ने भी सभी से मंदिर जीर्णोद्धार के लिए सहयोग की अपील की। कार्यशाला में पूनरासर गांव के सैकड़ों गणमान्य नागरिकों एवं युवाओं ने भाग लिया। सभी ने मंदिर निर्माण में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन ट्रस्ट के ट्रस्टी मोटूलाल हर्ष, बजरंगलाल पारीक, सम्पत पारीक द्वारा किया गया जबकि मंच संचालन डॉ. श्रीकांत व्यास ने सुंदरकांड के दोहों के साथ अत्यंत प्रभावी ढंग से संपन्न किया।

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