Saturday, April 25, 2026
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प्रधानाचार्यो को आदेशों की प्रतीक्षा में करने के आदेश पर उच्च न्यायालय की रोक, माध्यमिक शिक्षा विभाग का मामला

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जोधपुर Abhayindia.com राजस्थान उच्च न्यायालय की एक एकल पीठ के न्यायाधीश अरूण भंसाली ने तहसील आबू रोड जिला सिरोही के विधालयों में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत विमल मितल व सत्येन्द्र गंधर्वा की रिट याचिकाओं को विचारार्थ अंतरिम रूप से स्वीकार करते हुए उनके विरूद्व निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर द्वारा आदेश दिनंाक 20.09.2022 पर अंतरिम राेक लगाई है।

मामले के अनुसार, विमल मित्तल वर्तमान में प्रधानाचार्य के पद पर राजकीय उच्च माध्यमिक विधलय खडात आबूरोड जिला सिरोही में तथा सत्येन्द्र गर्ध वा प्रधानाचार्य के पद पर राजकीय उच्च माध्यमिक विधालय मूंगथला तहसील आबूरोड जिला सिरोही में कार्यरत हैं। निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर ने इन दोनों प्रधानाचार्ये को आदेश 20.09.2022 से पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा में करते हुए इनका मुख्यालय आबूरोड जिला सिरोही से बीकानेर कर दिया गया। विभाग के इस कृत्य से व्यथित होकर इन दोनों प्रधानाचार्यो ने दो अलग-अलग रिट याचिकायें राजस्थान उच्च न्यायालय के समक्ष अपने अधिवक्ता प्रमेन्‍द्र बोहरा के माध्यम से प्रस्तुत की।

इनके अधिवक्ता का उच्च न्यायालय के समक्ष यह तर्क था कि इन दोनों प्रधानाचार्यो के विरूद्व विभाग द्वारा जो आदेशों की प्रतीक्षा में करने का आदेश पारित किया है वह राजस्थान सेवा नियम के नियम 25(क) के उल्लघन मे जारी किया गया है। नियम 25(क) में स्पष्ट रूप से यह प्रावधान हे कि किसी कर्मचारी काे आदेशों की प्रतीक्षा में किन-किन परिस्थितियों व किस समय किया जा सकता है। लेकिन, इन दोनों प्रधानाचार्यो के विरूद्व निदेशक द्वारा  20.09.2022 का जाे आदेश पारित किया है। उसमें उन प्रावधानो का उल्लघन करते हुए जारी किया गया है। नियम 25(क) के तहत दोहरा पदस्थापन, वैदेशिक सेवा से वापस आकर कार्य ग्रहण करने पर, स्थानान्तरण से दोहरा पदस्थापन या पदौन्नति से दोहरा पदस्थान हाेने पर ही पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा में करने का आदेश पारित किया जा सकता है। जबकि विभाग के आदेश 20.09.2022 में ऐसी कोई परिस्थिति परिलक्षित नहीं होती है। इसके बावजूद भी प्रार्थीयों का पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा करने मुख्यालय सिरोही से बीकानेर कर दिया गया जाे अनुचित व विधि विरूद्व है।

प्रार्थी के अधिवक्ता के तर्कों से सहमत होते हुए न्यायाधीश ने दोनों याचिकाकर्ताओं की याचिकाओं को अंतरिम रूप से स्वीकार करते हुए उनके विरूद्व विभाग द्वारा पारित आदेश 20.09.2022 पर रोक लगाते हुए सचिव माध्यमिक शिक्षा, निदेशक माध्यमिक शिक्षा व जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा सिरोही को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब तलब किया।

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