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संगीत रसिकों के दिलों में सदैव जिन्दा रहेंगे पंडित जसराज, स्पिक मैके बीकानेर इकाई ने जताई संवेदना…

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बीकानेरAbhayindia.com अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिनाम पदम विभूषण से सम्मानित शास्त्रीय गायक पंडित जसराज के निधन पर बीकानेर संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई। संगीत जानकारों ने इसे भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत में अपूरणीय क्षति बताया है।

स्पिक मैके बीकानेर इकाई की ओर से पारीक चौक स्थति कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा रखी गई। इसमें संगीत रसिकों ने पंडि़त जसराज को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। स्पिक मैके के राज्य सचिव दामोदर तंवर ने कहा कि भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत को जो अपूरणीय क्षति हुई है, उसकी पूर्ति असंभव है। पंडि़त जसराज का बीकानेर से भी जुड़ाव रहा है, तंवर के अनुसार करीब तीन दशक पूर्व बीकानेर में मूंधड़ा बागेची उनका गायन हुआ था।

श्रद्धांजलि सभा में घनश्याम तंवर, कैलाश रंगा, लीलाधर, मार्कण्डेय रंगा, सुमित पांडिय़ा, नरेन्द्र कल्ला, राजकुमार सोनी, रमेश बिस्सा सहित संगीत रसिकों ने पंडित जसराज के निधन पर संवेदना प्रकट की। गौरतलब है कि पंडित जसराज का निधन 17 अगस्त को अमेरिका में दिल का दौरा पडऩे से हो गया था। वे 90 वर्ष के थे।

…जब सालासर में आए

दामोदर तंवर के अनुसार संगीत से जुड़ा होने के नाते पंडित जसराज का नाम तो बहुत सुना था, लेकिन जब वे बीकानेर में गायन के लिए आए थे, तब पहली बार रूबरू देखा था। इसके बाद तो संगीत का ऐसा रिश्ता बना की 25 साल निकल गए। कभी लगा ही नहीं कि पंडित जसराज दूर रहते है।

स्पिक मैके के कार्यक्रमों में कई बार मंच पर लाइव उनका गायन सुनने के मौके मिले। तंवर के अनुसार पंडित जसराज ने वर्ष 2018 में जयपुर में स्पिक मैके की ओर से आयोजित म्यूजिक इन द पार्क में प्रस्तुति दी थी। तंवर ने उनके साथ के अनुभव साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2012 में बीकानेर संभाग के सालासर मंदिर में जब उनका कार्यक्रम हुआ तो, करीब पूरी रात उनका सान्निध्य मिला, जो जीवन में सदैव स्मरण में रहेगा, वहां पंडित जसराज ने शास्त्रीय संगीत के वो तराने छेड़े कि संगीत रसिक कभी नहीं भूला पांएगे…

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