







बीकानेर Abhayindia.com मेयर चुनाव को लेकर बीकानेर में सबसे दिलचस्प और चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। कांग्रेस ने भले ही अनिल कल्ला को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर सिंबल दे दिया है, लेकिन पार्टी के ही विजयी प्रत्याशी नवरतन डागा ने भी मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। नवरतन डागा अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और मेयर पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया।
कांग्रेस के गणित पर क्या पड़ेगा असर?
कांग्रेस के पास 42 पार्षदों का स्पष्ट बहुमत है, लेकिन डागा की उम्मीदवारी ने पार्टी के गणित को बिगाड़ दिया है।
– अगर डागा अपनी उम्मीदवारी पर अड़े रहे तो कांग्रेस के वोटों में बंटवारा तय है।
– इसका सीधा फायदा भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह शेखावत को मिल सकता है।
– अब सवाल यह है कि क्या डागा का नामांकन सिर्फ दबाव की रणनीति है या वे आखिरी तक मैदान में डटे रहेंगे?
अंदरखाने की नाराजगी आई सामने
सूत्रों का कहना है कि मेयर पद के लिए वैश्य वर्ग से नवरतन डागा प्रबल दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने डॉ. बीडी कल्ला को फ्री हैंड देते हुए अनिल कल्ला को टिकट दे दिया। इसी नाराजगी के चलते डागा ने बागी तेवर दिखाए हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कांग्रेस हाईकमान और डॉ. कल्ला डागा को मनाने में सफल हो पाते हैं या बीकानेर का मेयर चुनाव त्रिकोणीय होकर भाजपा के लिए नई संभावनाएं खोल देगा।







