जयपुर/बीकानेर Abhayindia.com राजस्थान में निकाय चुनाव-2026 को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बार भाजपा और कांग्रेस ने टिकट वितरण को लेकर रणनीति बदल दी है। बताया जा रहा है कि दावेदारों की लंबी-चौड़ी फौज को देखते हुए सूची जारी होने से “बगावत” का खतरा खड़ा हो सकता है। ऐसे में दोनों ही पार्टियों में टिकट को लेकर आखिरी वक्त तक सस्पेंस बरकरार रहेगा। बहरहाल, कई जगहों पर पार्टी की ओर से जिलास्तर पर सीधे प्रत्याशी को ही सिंबल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
भाजपा : बीकानेर में पटाखे फूटे, सोशल मीडिया पर ऐलान
भाजपा की बात करें तो बीकानेर में कई दावेदारों के पास टिकट को लेकर आधिकारिक सूचना आ गई है। इसके साथ ही उन्होंने पटाखे फोड़ने भी शुरू कर दिए, साथ ही सोशल मीडिया पर भी ऐलान कर दिया। भाजपा सूत्रों की मानें तो पार्टी ने संभागवार बैठकों में नाम तय कर जिलों को सिंबल भेजने शुरू कर दिए हैं। जहां अधिक मजबूत दावेदार रहे, वहां नाम तय करने में खींचतान भी सामने आई। ऐसे वार्डों में पार्टी सिंबल देने में जल्दबाजी नहीं करना चाहती। जिलों में पहुंचे सिंबल उम्मीदवारों को कब दिए जाएं, यह स्थानीय स्तर पर तय होगा। इससे टिकट से वंचित दावेदारों को मनाने और संभावित बगावत रोकने का समय भी मिलेगा।
कांग्रेस: लिस्ट नहीं, थैले में सिंबल लेकर जाएंगे प्रभारी
इधर, कांग्रेस ने जिला और विधानसभा स्तर से आए पैनलों पर प्रदेश स्तर पर मंथन शुरू कर दिया है। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शनिवार को शेष 10 जिलों की बैठक बुलाई है। बैठकों के बाद जिला प्रभारियों और सहायक प्रभारियों को सिंबल के थैले सौंपे जाएंगे। कांग्रेस की रणनीति साफ है – जहां नाम पर सर्वसम्मति है, वहां सिंबल पहले दिया जा सकता है, लेकिन विवादित वार्डों में अंतिम दिन तक इंतजार होगा। इससे नामांकन के दौरान उभरने वाले नए समीकरणों को देखने और असंतुष्ट दावेदारों को साधने का मौका मिलेगा।
आपको बता दें कि 31 अगस्त तक नामांकन भरे जा सकेंगे। इसके बाद आधिकारिक रूप से पार्टियां प्रचार में जुट जाएंगी। कांग्रेस आज से जिलों में टिकटों के लिए सिंबल भेजने की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इसे कांग्रेस के बड़े रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि मुख्यालय से सूची जारी करने के बजाय कांग्रेस सीधे जिलों तक सिंबल पहुंचाने का बड़ा कदम उठा रही है। यानी इस बार कांग्रेस की ओर से पहले से ऐसी कोई सूची जारी नहीं होगी, जिसमें यह बताया जाए कि किस वार्ड से किस उम्मीदवार को टिकट दिया गया है। प्रत्याशी को पार्टी के फैसले की जानकारी उसी समय होगी, जब जिला स्तर से उसे सिंबल सौंपा जाएगा।
















