जयपुर Abhayindia.com स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश कुमार यादव ने सोमवार को शासन सचिवालय में लाडो प्रोत्साहन योजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान तथा पात्र बालिकाओं को समयबद्ध तरीके से लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव यादव ने कहा कि लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत संस्थागत प्रसव पर एवं प्रसवोत्तर टीकाकरण पूर्ण होने पर बालिकाओं को स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रोत्साहन राशि दी जाती है। राजकीय विद्यालय एवं राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय में बालिका के प्रथम कक्षा में प्रवेश लेने पर तीसरी किस्त शिक्षा विभाग द्वारा प्रदान की जाती है जो कि शिक्षा एवं बालिका सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी बाधाओं का शीघ्र समाधान करते हुए सभी पात्र बालिकाओं को पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
लाडो प्रोत्साहन योजना राज्य सरकार की प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं में शामिल है। योजना के तहत पात्र बालिकाओं को 1.50 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है। जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग एवं उच्च शिक्षा विभाग प्रतिबद्ध है। बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारी गण मौजूद रहे।
लाडो प्रोत्साहन योजना
राजस्थान सरकार की लाडो प्रोत्साहन योजना (पूर्ववर्ती राजश्री योजना) के तहत बालिकाओं के जन्म से लेकर स्नातक की पढ़ाई पूरी करने तक कुल 1,50,000 रुपये की आर्थिक सहायता 7 अलग-अलग किस्तों में दी जाती है।
योजना के मुख्य बिंदु…
सहायता राशि : ₹1,50,000 (सात चरणों में डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में)
किस्तों का विवरण : यह राशि जन्म, टीकाकरण, और स्कूल/कॉलेज में प्रवेश (जैसे कक्षा 1, 6, 10, 12 और ग्रेजुएशन) के समय दी जाती है।
उद्देश्य : बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना, बाल विवाह रोकना और लिंग भेद को समाप्त करना।
पात्रता : बालिका के माता-पिता राजस्थान के मूल निवासी होने चाहिए। जन्म सरकारी अस्पताल या अधिकृत/मान्यता प्राप्त चिकित्सा संस्थान में हुआ हो।















