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बीकानेर पुलिस के हत्‍थे चढ़ा साइबर ठगी गिरोह का शातिर आरोपी, 23.90 लाख रुपए अपने बैंक खाते में किए प्राप्‍त

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बीकानेर Abhayindia.com साइबर थाना बीकानेर की टीम ने महानिदेशक पुलिस, राजस्थान द्वारा चलाये जा रहे विशेष अभियान के तहत साइबर अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई को अंजाम देते हुए साइबर ठगी के रूपयों को अपने बैंक खाते में प्राप्त करने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी फर्जी फर्मों के नाम से अलग-अलग बैंकों में कॉरपोरेट (करंट) बैंक खाते खुलवाकर करोड़ों की ठगी की रकम को अपने बैक खाते में प्राप्त करने वाले गिरोह का सदस्य है। आरोपी ने साइबर ठगी के कुल 23,90,000 रूपये अपने बैंक खाते में प्राप्त किये। आरोपी के बैक खाते पर साइबर ठगी की 36 एनसीआरपी शिकायतें दर्ज हैं।

महानिदेशक पुलिस, राजस्थान जयपुर द्वारा चलाये जा रहे विशेष अभियान के तहत ओमप्रकाश महानिरीक्षक पुलिस व एसपी मृदुल कच्छावा के मार्गदर्शन में एएसपी चक्रवती सिंह राठौड़, किरण गोदारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के सुपरविजन में साइबर थानाधिकारी शालिनी बजाज के नेतृत्व में विजेन्द्र सीला पुलिस निरीक्षक व साइबर थाना बीकानेर टीम के द्वारा साईबर ठगी गिरोह के साथ मिलकर ठगी के रूपयों को अपने बैक खाते में प्राप्त करने वाले सदस्य दाऊद खान पुत्र असलम खान शेख उम्र 36 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 06 जयप्रकाश पिपरिया जिला नर्मदापुरम मध्यप्रदेश को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी दाउद खान ने बताया कि उसने साइबर ठगी गिरोह के साथ मिलकर देश के आमजन के साथ ठगी की राशि को अपने व अपने अन्य साथियों के द्वारा खुलवाये गये बैक खातों मे प्राप्त की है।

आरोपी दाऊद खान ने साइबर ठगी गिरोह के साथ मिलकर अपने व अपने अन्य साथियों के द्वारा अलग-अलग बैकों में खाते खुलवाये थे। आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर एक संगठित साइबर ठगी गिरोह संचालित कर रहा था। आरोपी दाऊद खान व उसका संगठित गिरोह ‘Victory Vanguards 2 Team-8’ जैसे फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए आम लोगों को जोड़ता था। इसके बाद ‘Geosphere LLC’ जैसे फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स डाउनलोड करवाकर शेयर बाजार और आकर्षक IPOs (जैसे ‘राजपुताना स्टेनलेस लिमिटेड’) में भारी मुनाफे का लालच देकर भोले-भाले नागरिकों को अपने जाल में फंसाता था।

जांच में सबसे बड़ा और गंभीर खुलासा यह हुआ कि आरोपी दाऊद खान और उसके साथी फर्जी फर्मों के नाम पर कागजात तैयार करते थे। इन फर्जी फर्मों के नाम से अलग-अलग बैंकों में कॉरपोरेट (करंट) बैंक खाते खुलवाए जाते थे। ये कॉरपोरेट बैंक खाते खुद इस्तेमाल करने के साथ-साथ देश-विदेश में बैठे अन्य बड़े साइबर अपराधियों को भारी कमीशन पर उपलब्ध (लीज / सेल) कराते थे। साइबर ठग इन्हीं खातों (Mule / Corporate Accounts) में देश भर के पीड़ितों से ठगी की मोटी रकम ट्रांसफर करवाते थे, ताकि फर्जी फर्म का खाता होने के कारण पहली नज़र में कोई शक न हो। आरोपी दाऊद खान के बैंक खाते का समन्वय (NCRP) पोर्टल पर विश्लेषण करने पर पाया गया कि इसके खाते के खिलाफ देश भर के विभिन्न राज्यों से 36 साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। अब तक की जांच में सामने आया है कि उक्त खाते में करोड़ो रूपये साइबर ठगी का लेनदेन हुआ है जिसके संबध में विस्तृत जांच की जा रही है।

कार्यवाही करने वाली टीम

1. ओमप्रकाश एएसआई
2. सुभाष कांस्‍टेबल 1167
3. महेन्द्र कांस्‍टेबल 1024

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