बीकानेर Abhayindia.com भोम प्रदोष पर मंगलवार को नगर के अनेक शिवालयों में पूजा अर्चना, रुद्राभिषेक व भंडारों का आयोजन हुआ। अनेक श्रद्धालुओं ने प्रदोष का व्रत रखा तथा शिव मंदिरों में जल, दूध, दही, घी, शहद, पंचामृत से अभिषेक, रुद्राभिषेक किया। अनेक स्थानों पर गुरु पूर्णिमा पर चल रहे शिव पूजन, रुद्री पाठ व अभिषेक के अनुष्ठान संपन्न हुए। ऐतिहासिक संसोलाव तालाब के पास स्थित प्राचीन श्रीकाशी विश्वनाथ महादेव मंदिर में विशेष अभिषेक एवं पूजा अर्चना की गई।
नत्थूसर बास के जय भवानी धाम सुभाष महाराज ओझा की बगीची में लगातार 41 वर्षो से चल रहा सावन माह में पार्थिव शिवलिंग पूजन, रुद्राभिषेक व पूजन, विशेष भोग व भंडारे का समापन मंगलवार को कोलायत में पार्थिव शिव लिंग के पूजन, अभिषेक व विसर्जन से हुआ। जय भवानी धाम में सोमवार व मंगलवार को पंडित सुभाष महाराज ओझा के नेतृत्व में वेद पाठी 11 ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्र संहिता के पाठ व भगवान शिव की स्तुतियों व वंदना के साथ कोलायत के कपिल सरोवर से मंत्र जाप के साथ बनाए गए करीब सवा पांच लाख पार्थिव शिवलिंगों का पूजन अभिषेक व विसर्जन कपिल सरोवर में किया गया। पंडित सत्यवान ओझा, धीरज ओझा, चन्द्र प्रकाश ओझा, जय शंकर देराश्री, मुरलीधर जोशी, आनंद छंगाणी, शंकर छंगाणी ने विश्व कल्याण, विश्व शांति व भारत की उन्नति व विकास के लिए पार्थिव शिवलिंग, 12 ज्योतिर्लिंग, का पूजन तथा गंगा, यमुना, गोदावरी, ब्रह्मपुत्र, नर्मदा, सरस्वती, इलाहाबाद के त्रिवेणी संगम सहित 11 नदियों के जल से अभिषेक किया तथा महाआरती की गई।
जय भवानी धाम के संस्थापक पंडित सुभाष महाराज ओझा ने बताया कि कर्मकांड, ज्योतिष के विद्वान पंडित स्वर्गीय राम किशन ओझा उर्फ फूना महाराज की प्रेरणा व आशीर्वाद से चार दशक से चल रहे सावन माह के विशेष शिव पूजन व अभिषेक में अनेक नर-नारियों ने भागीदारी निभाई। प्रत्येक सोमवार व अनुष्ठान के प्रतिदिन जय भवानी धाम में श्रद्धालुओं की दर्शन व अभिषेक के लिए कतार लगी रहती थी। अनेक लोगो ने नियमित शिव पंचाक्षर मंत्र ’’ ओम नमः शिवाय का जाप किया।
सीताराम गेट के अंदर गौरी शंकर महादेव मंदिर में भोम प्रदोष को बर्फ के शिव लिंग की झांकी सजाई गई तथा फूलों का विशेष श्रंगार, अभिषेक व पूजन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। विश्वकर्मा गेट के बाहर राम मंदिर परिसर के नर्बदेश्वर महादेव मंदिर में पूर्णिमा से चल रहा विशेष झांकी, पूजन व अभिषेक का अनुष्ठान मंगलवार को संपन्न हुआ। गंगाशहर के घूमचक्कर पर स्थित केदारनाथ के मंदिर में मंदिर के संस्थापक फौजराज बांठिया परिवार के साथ बड़ी संख्या में दर्शनार्थियों ने पूजा अर्चना की।
















