जयपुर Abhayindia.com राज्य सरकार की ओर से RGHS OPD सेवाओं के अंतर्गत सामान्य जाँचों के प्रिस्क्रिप्शन एवं अनुमोदन (Approval) की प्रक्रिया को सरल एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
यहां जानते हैं दिशा-निर्देश...
जिन Routine Investigations की कुल लागत ₹2,000/- तक है, उन्हें पूर्व अनुमोदन (Pre-Authorization) प्राप्त किए बिना ही डॉक्टर द्वारा लिखी (Prescribe) जा सकती हैं तथा कराई जा सकती हैं। यदि निर्धारित Routine Investigations की कुल लागत ₹2,000/- से अधिक है, तो ऐसी जाँच कराने से पहले RGHS पोर्टल के माध्यम से Pre-Authorization प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
आपातकालीन (Emergency) स्थिति में...
* आपातकालीन मामलों में Pre-Authorization की आवश्यकता नहीं होगी।
* उपचाररत अस्पताल/चिकित्सक आवश्यक जाँच तत्काल करवा सकते हैं।
* हालांकि, इसके लिए उचित क्लिनिकल दस्तावेज (Clinical Documentation) एवं औचित्य (Clinical Justification) RGHS पोर्टल पर अपलोड करना आवश्यक होगा।
Pre-Authorization के लिए आवश्यक दस्तावेज
Pre-Authorization के लिए आवेदन करते समय उपचाररत चिकित्सक/अस्पताल को RGHS पोर्टल पर निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करने होंगे-
* OPD प्रिस्क्रिप्शन/परामर्श पर्ची (Consultation Slip)
* संबंधित चिकित्सा इतिहास (Medical History) एवं क्लिनिकल निष्कर्ष (Clinical Findings)
* यदि लागू हो तो पूर्व में कराई गई जाँचों की रिपोर्ट (Previous Investigation Reports)
* प्रस्तावित जाँच की आवश्यकता स्पष्ट करने वाला क्लिनिकल औचित्य (Clinical Justification)
TPA द्वारा अनुमोदन की समय-सीमा
* Third Party Administrator (TPA) ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से Pre-Authorization अनुरोध की जांच एवं स्वीकृति करेगा।
* अति आवश्यक (Urgent) जाँचों का निर्णय 1 घंटे के भीतर किया जाएगा।
* सामान्य (Non-Urgent) जाँचों का निर्णय 3 घंटे के भीतर किया जाएगा।
* यदि निर्धारित समय सीमा में कोई निर्णय नहीं दिया जाता है, तो अनुरोध स्वतः स्वीकृत (Auto-Approved) माना जाएगा।
* यह आदेश 13 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा।
* यह व्यवस्था 13.07.2026 या उसके बाद प्रस्तुत किए गए सभी OPD Routine Investigation अनुरोधों पर लागू होगी।













