









चौदह वर्षों का ये सफर, केवल समय नहीं,
संघर्षों से गढ़ा हुआ एक अडिग विश्वास है।
हर खबर के पीछे जनमन की धड़कन,
हर शब्द में सच का एहसास है।
बाइस जून की उस पहली सुबह से,
जब एक संकल्प ने आकार लिया था,
साप्ताहिक पत्र के छोटे से स्वर ने,
जनता के मन में अधिकार लिया था।
फिर बदले दौर, बदली पत्रकारिता,
डिजिटल आकाश ने नई राह बनाई,
अभय इंडिया ने समय को पहचानकर,
सच की मशाल हर हाथ तक पहुंचाई।
मोबाइल की छोटी सी स्क्रीन पर,
बड़ा संसार रोज उतर आता है,
स्थानीय हो या देश-दुनिया की बात,
हर सच जन-जन तक पहुंच जाता है।
न सत्ता के गलियारों से समझौता,
न दबावों के आगे सिर झुकाया,
जनभावनाओं के हर प्रश्न को,
पूरे साहस से आगे बढ़ाया।
जब-जब उठे कठिनाइयों के बादल,
पाठकों का विश्वास ढाल बना,
हर चुनौती हारती नजर आई,
और अभय इंडिया और विशाल बना।
अब आगे भी यही प्रण रहेगा,
न फेक खबरों को स्थान मिलेगा,
विश्वसनीयता, सटीकता और साहस से,
हर नया सवेरा पहचान मिलेगा।
उन सभी पाठकों को नमन हमारा,
जो इस यात्रा के साथी बने,
अभय इंडिया यूँ ही बढ़ता जाए,
सच और विश्वास के दीप तले।
स्थापना के 14 वर्ष पूर्ण होने पर
अभय इंडिया परिवार की ओर से सभी पाठकों को हार्दिक शुभकामनाएँ।
सत्य की यह लौ यूँ ही अनवरत जलती रहे। -संपादक
















