









बीकानेर Abhayindia.com एक रूपये प्रतिदिन सेवा योजना को निरंतर आगे बढ़ाते हुए मुरलीधर गोचरभूमि में गौसेवा, जीवदया एवं जलसेवा का एक भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। भीषण गर्मी के इस मौसम में मूक प्राणियों को भोजन एवं जल उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से आयोजित इस सेवा कार्य में बड़ी संख्या में साथियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।कार्यक्रम के दौरान पक्षियों के लिए चुग्गा डाला गया। विभिन्न स्थानों पर जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पानी के टैंकरों की व्यवस्था की गई तथा गौवंश के लिए अच्छी मात्रा में हरा चारा उपलब्ध करवाया गया।बड़ी संख्या में पक्षियों एवं गौवंश ने इस सेवा का लाभ प्राप्त किया।
इस सेवा कार्य में ममता बांठिया, सुपारस बांठिया, धीरेन्द्र बोथरा, ललिता बोथरा, प्रेम प्रकाश सोनी, मधुमती सोनी सहयोगकर्ता रहे। आज के सेवा कार्य में संघ सेवा समिति के सभी सदस्यों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। समिति के सदस्यों ने पूरे समर्पण एवं उत्साह के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। सेवा कार्य के दौरान संघ सेवा समिति के सदस्यों ने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए पानी के टैंकर डलवाने से पूर्व सभी जल कुण्डियों की स्वयं सफाई की। श्रमदान की इस भावना ने सेवा कार्य को और अधिक सार्थक बना दिया। स्वच्छ जल ही जीवों के स्वास्थ्य का आधार है। इस विचार को आत्मसात करते हुए सदस्यों ने पहले सफाई और फिर जल व्यवस्था का कार्य सम्पन्न किया।उपस्थित सभी साथियों ने इस पहल की सराहना की।
कार्यक्रम में सीए विनोद कुमार पारख, मुकेश पुरोहित, विजय बोथरा, बृजरतन भोजक, सुशील नागौरी, प्रेम प्रकाश सोनी, धीरेंद्र कुमार बोथरा (तिरुपुर), संजय बोथरा (सूरत), संजय सेठिया, अरविंद बोथरा, आदित्य बोथरा, गिरधारी सुथार, कार्तिक आचार्य, कार्तिक जोशी, गौरव सोनी, सत्यम मिड्ढा, धनराज जोशी, अनिरुद्ध सेन, माधव आचार्य, वसुनंदन व्यास एवं राघव पुरोहित सहित अनेक साथी उपस्थित रहे। सेवा कार्यक्रम के पश्चात उपस्थित सभी साथियों के मध्य शुद्ध एवं शीतल छाछ का वितरण किया गया। गर्मी के मौसम में छाछ वितरण ने सभी को ताजगी प्रदान की तथा आपसी सौहार्द एवं आत्मीयता को और अधिक मजबूत बनाया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुकेश पुरोहित एवं बृजरतन भोजक ने अपनी सुमधुर एवं भावपूर्ण आवाज़ में गीत प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया। उनकी शानदार प्रस्तुति ने उपस्थित जनों का मन मोह लिया तथा सभी ने तालियों की गडग़ड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। सेवा का मूल्य धन की राशि से नहीं, बल्कि भावना की गहराई से आँका जाता है।
सीए विनोद पारख ने बताया कि प्रतिदिन का यह छोटा-सा संकल्प आज मूक प्राणियों के लिए भोजन,जल एवं जीवन का सहारा बन रहा है। जब समाज के लोग मिलकर सेवा का संकल्प लेते हैं, तब छोटे-छोटे योगदान भी बड़े परिवर्तन का आधार बन जाते हैं। एक मुटठी चुग्गा किसी पक्षी की भूख मिटा सकता है। एक टैंकर पानी अनेक जीवों की प्यास बुझा सकता है और हरे चारे की एक व्यवस्था गौवंश के लिए अमूल्य सहारा बन सकती है। यही छोटी-छोटी सेवाएँ मिलकर मानवता की बड़ी पहचान बनती हैं।


